स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय संघर्ष समाधान के लिए अपने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कई विश्व नेताओं ने मंच साझा किया और बोर्ड की चार्टर पर हस्ताक्षर किए। आज के दिन ट्रंप की योजना यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की है, जिसमें दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन में युद्धविराम की संभावनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।
बोर्ड ऑफ पीस लॉन्च के साथ ही ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों के खिलाफ अपने द्वारा घोषित 25 प्रतिशत टैरिफ को वापस ले लिया। ये टैरिफ फरवरी 1 से लागू होने वाले थे और इसका उद्देश्य अमेरिका को ग्रीनलैंड पर प्रभाव बढ़ाने के लिए दबाव बनाना था। हालांकि, दावोस में NATO के महासचिव मार्क रूटे के साथ हुई चर्चा के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आर्कटिक सुरक्षा पर “भविष्य के समझौते के ढांचे” पर सहमति बनाई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे “बहुत उत्पादक बैठक” बताया और कहा कि NATO के नेता के साथ हुई बातचीत से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र के लिए संभावित समझौते का ढांचा तैयार हुआ है। NATO ने भी इस बैठक को “उत्पादक” बताया और कहा कि समझौते का मुख्य फोकस आर्कटिक में सुरक्षा बनाए रखने पर होगा।
रूटे ने कहा कि चर्चा में यह नहीं उठाया गया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा बना रहेगा या नहीं। ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है, जिसमें अमेरिकी एयरबेस स्थित है, और ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका को इसे नियंत्रित करना चाहिए ताकि रूस या चीन क्षेत्र में प्रभाव न बढ़ा सके।
डेनमार्क को मिली राहत
ट्रंप की चेतावनियों ने ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में एक गंभीर संकट पैदा किया था। डेनमार्क समेत अन्य यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई थी कि अमेरिका के रुख से NATO कमजोर हो सकता है। ट्रंप की टोन बदलने से डेनमार्क को कुछ राहत मिली। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने कहा, “ट्रंप ने कहा कि वह व्यापार युद्ध को रोकेंगे और ग्रीनलैंड पर हमला नहीं करेंगे। ये सकारात्मक संदेश हैं।”
EU ने अमेरिकी ट्रेड समझौता रोका
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों के कारण यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यूरोपीय संसद ने ट्रंप की धमकियों के कारण समझौते के अनुमोदन वोट को रोक दिया है। व्यापार समिति को 26-27 जनवरी को संसद में अपने वोट की स्थिति तय करनी थी, लेकिन इसे अब स्थगित कर दिया गया है।
समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे ने बयान में कहा, “एक EU सदस्य राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालकर और टैरिफ का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करना, अमेरिका और EU के व्यापार संबंधों की स्थिरता और पूर्वानुमान को कमजोर करता है।”
दावोस में ट्रंप की पहल, ‘बोर्ड ऑफ पीस’, वैश्विक संघर्ष समाधान और शांति प्रक्रिया के लिए महत्वाकांक्षी प्रयास है। वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ वापस लेने और आर्कटिक सुरक्षा पर समझौते का संकेत देने से अमेरिका-यूरोप संबंधों में थोड़ी राहत मिली है। ट्रंप की यह रणनीति यूक्रेन युद्ध, NATO संबंध और वैश्विक व्यापार नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। आज की ज़ेलेंस्की से मुलाकात में इस सबका असर स्पष्ट रूप से देखा जाएगा।