भारत का अंतरिक्ष अभियान आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज शाम 5:26 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय नौसेना के लिए विकसित GSAT-7R (CMS-03) संचार उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। यह अब तक का सबसे वजनी उपग्रह है, जिसका वजन लगभग 4,410 किलोग्राम है। इस मिशन के लिए इसरो अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M5, जिसे इसकी ताकत के कारण ‘बाहुबली’ कहा जाता है, का उपयोग कर रहा है। यह रॉकेट तीन चरणों में काम करता है दो सॉलिड मोटर स्ट्रैप-ऑन (S200), एक लिक्विड कोर स्टेज (L110) और एक क्रायोजेनिक स्टेज (C25)। इसकी मदद से इसरो 4,000 किलोग्राम से ज़्यादा वजनी उपग्रहों को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित कर सकता है।
इसरो ने बताया है कि प्रक्षेपण यान को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और इसे लॉन्च से पहले सभी अंतिम जांच प्रक्रियाओं के लिए दूसरे लॉन्चपैड पर पहुंचाया गया है। यह LVM3 रॉकेट की पांचवीं परिचालन उड़ान होगी। GSAT-7R की लॉन्चिंग भारतीय नौसेना की संचार और समुद्री निगरानी क्षमताओं को नई ऊंचाई देगी। यह उपग्रह नौसेना के जहाजों और कमांड सेंटरों के बीच सुरक्षित संचार स्थापित करने में मदद करेगा।
जो दर्शक इस ऐतिहासिक लॉन्च को देखना चाहते हैं वे इसे इसरो के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और डीडी नेशनल पर लाइव देख सकते हैं। इससे देशभर के लोग इस मिशन की हर झलक को वास्तविक समय में देख पाएंगे।