झोपड़ी में सो रहा था मासूम अचानक हुआ कुछ ऐसा कि मच गया कोहराम

Priyanshu Kumari
Priyanshu Kumari
3 Min Read
लखनऊ के डंडहिया में दीवार गिरने से तीन महीने के मासूम की मौत

अलीगंज के डंडहिया स्थित पुराने हनुमान मंदिर के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें महज़ तीन महीने के एक मासूम बच्चे की मलबे में दबकर जान चली गई. यह घटना उस समय हुई जब बच्चा अपनी झोपड़ी में चैन से सो रहा था और उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उसके सिर पर मौजूद पुरानी दीवार मौत बनकर गिरने वाली है.

कैसे हुआ हादसा?
मृतक बच्चे का नाम रूप लाल था, जिसकी उम्र सिर्फ तीन महीने थी. उसके पिता, गजोधर, मूल रूप से सीतापुर के मिसरिख के रहने वाले हैं और लखनऊ में ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. गजोधर का परिवार मंदिर के पास स्थित एक पुरानी दीवार के सहारे झोपड़ी बनाकर रह रहा था. गुरुवार सुबह करीब 11 बजे, जब घर के बाकी सदस्य किसी न किसी काम से झोपड़ी के बाहर थे, तभी वह पुरानी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. दीवार का पूरा मलबा सीधे उस झोपड़ी पर गिरा जहाँ छोटा रूप लाल सो रहा था.

डेढ़ घंटे की जद्दोजहद और बेबस लोग
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई. बच्चे के बाबा, मेवालाल ने रोते हुए बताया कि जैसे ही दीवार गिरी, आसपास के 50-60 लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े. हर कोई अपने हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दीवार भारी थी और मलबा इतना ज्यादा था कि उसे हटाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया. यह डेढ़ घंटा उस मासूम के लिए काल साबित हुआ. लोगों की भीड़ और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद, भारी मलबे के नीचे दबे बच्चे तक समय रहते पहुंचना नामुमकिन साबित हो रहा था.

अस्पताल में थमी सांसें
काफी मशक्कत के बाद जब बच्चे को बाहर निकाला गया, तब उसकी धड़कनें चल रही थीं. स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पास के भाऊराव देवरस अस्पताल पहुंचाया. वहां बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) रेफर कर दिया. गजोधर और उसका परिवार उम्मीद लगाए बैठा था कि शायद कोई चमत्कार हो जाए, लेकिन KGMU में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. इस खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *