आम आदमी पार्टी (AAP) और उनके सांसद राघव चड्ढा के बीच इन दिनों अनबन की खबरें चर्चा में हैं. पार्टी ने चड्ढा पर आरोप लगाया है कि वे राज्यसभा में पंजाब के मुद्दों को ठीक से नहीं उठा रहे हैं, जबकि राघव ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपने काम का पूरा कच्चा चिट्ठा पेश कर दिया है.
मामले को आसान शब्दों में समझते हैं
पार्टी की नाराजगी क्या है?
आम आदमी पार्टी का कहना है कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के हक की आवाज बुलंद करने में सुस्त रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, जिस मकसद के लिए उन्हें राज्यसभा भेजा गया था, वे उसे पूरा नहीं कर रहे हैं और उनकी यह “चुप्पी” पार्टी के वसूलों के खिलाफ है.
राघव चड्ढा का जवाब “मैंने क्या-क्या किया”
आरोपों के बाद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्होंने पंजाब के लिए संसद में बहुत काम किया है.
उन्होंने अपनी उपलब्धियों में ये बातें गिनाईं
किसानों और धर्म: उन्होंने किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी और करतारपुर-ननकाना साहिब गलियारे की मांग उठाई
हक और सम्मान: उन्होंने शहीद भगत सिंह को ‘भारत रत्न’ देने और महाराजा रणजीत सिंह का शाही सिंहासन वापस लाने की बात की
विकास: पंजाब को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने, कैंसर ट्रेन चलाने और इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने के प्रस्ताव रखे
पर्यावरण और पैसा: गिरते ग्राउंड वाटर लेवल, प्रदूषण और केंद्र सरकार से पंजाब के रुके हुए फंड दिलवाने की अपील की
विवाद की असल स्थिति
शनिवार को जब पार्टी ने खुलेआम उनकी आलोचना की, तो यह झगड़ा सरेआम हो गया। पार्टी चाहती है कि पंजाब का सांसद और ज्यादा आक्रामक होकर राज्य की बात रखे
वहीं, राघव का कहना है कि
“पंजाब मेरे लिए सिर्फ राजनीति नहीं, मेरा फर्ज और मेरी मिट्टी है”
उन्होंने साफ कर दिया कि उनके पास अपने काम के और भी बहुत सारे सबूत हैं. पार्टी और उनके सबसे चर्चित सांसदों में से एक के बीच यह खींचतान पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ ले आई है.