अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग का 15वां दिन भी बेहद तनावपूर्ण रहा। ईरानी सेना ने साफ कह दिया है कि वह एक लंबी लड़ाई लड़ने में पूरी तरह सक्षम है और इस युद्ध को जारी रख सकती है। यह बयान उस वक्त आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
ईरान की शर्तें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध खत्म करने के लिए शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध तभी रुकेगा जब ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में हमला न करने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले। इसे विशेषज्ञ एक संभावित राजनयिक रास्ते की शुरुआत तो मान रहे हैं लेकिन अभी कोई ठोस बातचीत नहीं हुई है।
होर्मुज बंद, तेल के दाम आसमान पर
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा रुक गया है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गई है जो युद्ध से पहले करीब 65 डॉलर थी।
रूसी तेल पर अमेरिका की छूट
इसी बीच अमेरिका ने एक अहम कदम उठाया। होर्मुज बंद होने से पैदा हुए ईंधन संकट के बीच अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 22 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद के लिए 30 दिनों की विशेष छूट जारी की है।
युद्ध लंबा क्यों खिंच सकता है
अमेरिका और इजरायल ने 5000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए और ईरान की वायुसेना व नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया लेकिन इसके बावजूद तेहरान की सरकार नहीं गिरी। ट्रंप प्रशासन के भीतर भी इस युद्ध के मकसद को लेकर मतभेद हैं — कोई सिर्फ परमाणु कार्यक्रम रोकना चाहता है तो कोई पूरी तरह सत्ता परिवर्तन चाहता है। यही उलझन इस जंग को और लंबा खींच सकती है।