लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ‘लोकमाता’ पूज्य देवी अहिल्याबाई होल्कर जी के त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यशाला में सम्मिलित हुए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर जी ने सत्ता संभालने के बाद बहुत ही स्पष्ट उद्घोषणा की थी कि मेरा पथ धर्म का पथ है, धर्म का पथ ही न्याय का पथ है। न्याय का पथ हमें सर्वशक्तिमान और समर्थ बनाने में सहायक हो सकता है और उसी भाव के साथ उन्होंने उस कालखंड में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना में अपना योगदान दिया था। उस विशाल और विराट व्यक्तित्व के प्रति भारत की सनातन धर्म की पवित्र परंपरा ने उन्हें ‘पुण्यश्लोक’ के रूप में सादर नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि’धर्मो रक्षति रक्षितः’ की साक्षात प्रतिमूर्ति कोई बना तो महारानी अहिल्याबाई होल्कर जी बनीं। ‘लोकमाता’ पूज्य देवी अहिल्याबाई होल्कर जी ने अपने स्वयं के द्वारा संचित धनराशि से मंदिरों का पुनरुद्धार किया था। आज उत्तर प्रदेश में लगभग 40 हजार महिलाएं पुलिस बल में कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की 33% उपस्थिति अनिवार्य हो, इसकी गारंटी दी है।