मकर संक्रांति के दिन भारत में कम से कम चार लोगों की मौत नायलॉन काइट स्ट्रिंग की वजह से हो गई। जब देश के कई हिस्सों में सर्दियों के अंत का पारंपरिक जश्न मनाया जा रहा था और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा था, वहीं कुछ पतंगों ने जानलेवा खतरे के रूप में सामने आ गईं।
इस घातक खतरे की जड़ है नायलॉन से बनी पतंग डोर, जिसे आमतौर पर ‘चाइनीज मंझा’ कहा जाता है। शुरूआत में यह चीन से आयात की जाती थी। यह मंझा प्रतियोगी पतंगों की डोर काटने में मदद करता है, लेकिन इसकी धार इतनी तेज होती है कि यह मांस और त्वचा तक काट सकती है, और गंभीर मामलों में इंसानों की जान भी ले सकती है।
इंदौर में एक 45 वर्षीय व्यक्ति, रघुबीर ढाकड़, बाइक चला रहे थे, तभी नायलॉन स्ट्रिंग की वजह से उनकी गर्दन कट गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में भी इसी दिन कम से कम दो मौतें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, पहले एक शिक्षक की गर्दन पर मंझा लगने से मौत हुई, और कुछ ही समय बाद एक युवा बाइक चला रहा था, तभी पतंग की डोर की एक टुकड़ा लगने से उसकी भी जान चली गई।
देशभर में नायलॉन मंझा का इस्तेमाल अभी भी व्यापक रूप से किया जा रहा है, जबकि इसे कई राज्यों में प्रतिबंधित किया गया है।