केतन अग्रवाल मर्डर केस: प्यार, साजिश और मौत की पूरी कहानी

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केतन अग्रवाल मर्डर केस

लोहागढ़ किले से मौत तक का सफर, कैसे रची गई कथित हत्या की साजिश?

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। शुरुआत में जिस घटना को एक हादसा माना जा रहा था, वह अब एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रही है। पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। इस मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

दोस्ती से शुरू हुई कहानी, हत्या तक पहुंचा रिश्ता

जांच के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान एक पार्टी में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस को मिले रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले छह महीनों में दोनों के बीच 2000 से अधिक फोन कॉल और सैकड़ों घंटे की बातचीत हुई। जांच एजेंसियां इसे दोनों के बीच गहरे संबंधों और कथित साजिश की एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रही हैं।

सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाया शक

मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज मिला जिसने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। फुटेज में एक व्यक्ति तेज धूप के बावजूद हुडी, मास्क और इयरमफ पहनकर दिखाई दिया। पुलिस को यह व्यवहार असामान्य लगा। जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति कथित तौर पर चेतन चौधरी था, जो सिया से इशारों और साइन लैंग्वेज में बातचीत करता नजर आया। इसी फुटेज के बाद पुलिस का शक गहरा गया।

पहली कोशिश में बच गई थी केतन की जान

जांच में यह भी दावा किया गया है कि 14 जून को ही केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का देने की कोशिश की गई थी। हालांकि उस समय कथित योजना सफल नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि केतन ने किसी तरह खुद को संभाल लिया था। इसके बाद सिया ने स्थिति को सामान्य दिखाने के लिए सांप देखने का नाटक किया, जिससे किसी को उस पर शक न हो।

बाली ट्रिप से पहले पासपोर्ट गायब होने का रहस्य

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि केतन और सिया की बाली यात्रा की योजना थी, लेकिन सिया वहां जाना नहीं चाहती थी। आरोप है कि मुंबई जाते समय एक फूड मॉल में सिया ने केतन के बैग से उसका पासपोर्ट निकाल लिया और बाद में उसे नष्ट कर दिया। इसके बाद उसने बाली ट्रिप की बजाय लोहागढ़ किले पर जाने का दबाव बनाया। जांचकर्ता इस घटना को भी कथित साजिश का हिस्सा मानकर देख रहे हैं।

जन्मदिन की तैयारियां और मौत का साया

मामले का सबसे भावुक पहलू यह है कि केतन अग्रवाल के परिवार ने सिया के जन्मदिन को खास बनाने के लिए बड़ी तैयारियां कर रखी थीं। जानकारी के अनुसार, 20 जून को सिया के जन्मदिन समारोह के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी होटल में करीब 70 कमरे बुक किए गए थे। परिवार शादी और भविष्य की खुशियों की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना घट गई।

कैफे में बनी कथित हत्या की योजना

पुलिस जांच के मुताबिक घटना वाले दिन सिया और चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। यहीं पर दोनों ने कथित तौर पर अंतिम योजना तैयार की। इसके बाद वे लोहागढ़ किले पहुंचे और ऐसी जगह तलाश की जहां केतन को धक्का दिया जा सके। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत अंजाम दी गई।

हादसे से हत्या तक, कैसे खुली साजिश की परतें?

शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को एक दुर्घटना माना गया था। लेकिन परिवार के संदेह, पुलिस की गहन जांच, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों ने मामले की तस्वीर बदल दी। एक-एक कर सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की कई परतों को उजागर किया और आखिरकार पुलिस ने सिया गोयल तथा चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कथित हत्या की साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। आने वाले दिनों में पूछताछ और फोरेंसिक जांच से इस हाई-प्रोफाइल केस के कई और राज सामने आ सकते हैं।

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