विन न्यूज़ नेटवर्क। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी (SP) ने प्रतिक्रिया दी है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मायावती के रुख पर तंज कसते हुए कहा कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीति में जिम्मेदारी के साथ गंभीरता भी बेहद जरूरी है।
सपा प्रवक्ता ने साधा निशाना
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मायावती के बयान को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभी बच्चा पूरी तरह परिपक्व नहीं हुआ है, इसलिए उसे संगठन में बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उनके इस बयान को आकाश आनंद की राजनीतिक सक्रियता और बसपा में उनकी भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
फखरुल हसन चांद ने कहा कि आकाश आनंद को पद से हटाने या उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी से दूर रखने के फैसले पर समाजवादी पार्टी को कोई टिप्पणी नहीं करनी है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि आकाश आनंद के कुछ पुराने बयानों से ऐसा लगा कि वह राजनीति को लेकर उतने गंभीर नहीं हैं, जितनी गंभीरता एक राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने के लिए जरूरी होती है।
यूपी चुनाव में अकेले उतरने पर भी बोली सपा
सपा प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव को लेकर बसपा की रणनीति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। बसपा के अकेले चुनावी मैदान में उतरने के फैसले के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपनी चुनावी रणनीति तय करने का अधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा का अकेले चुनाव लड़ना मायावती का अपना निर्णय है और समाजवादी पार्टी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की राजनीति में दलों के बीच बयानबाजी और रणनीतिक गतिविधियां आगे और तेज हो सकती हैं।
मायावती ने आकाश आनंद को लेकर क्या कहा?
दरअसल, बसपा की एक महत्वपूर्ण बैठक में मायावती ने पार्टी और बहुजन आंदोलन को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उनके लिए बहुजन समाज के हित, कल्याण और उसकी अस्मिता से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए निजी रिश्तों को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।
मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने परिवार और रिश्तेदारों को संगठन के काम में सहयोग करने की अनुमति दी थी, लेकिन चुनाव लड़ाने या सत्ता में आने के बाद कोई पद देने के पक्ष में नहीं थे। मायावती ने कहा कि वह भी इसी सिद्धांत पर कायम हैं।
आकाश आनंद को अभी और अनुभव की जरूरत
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को बसपा में काम करने की अनुमति है, लेकिन उन्हें अभी राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर अधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है। इसी वजह से फिलहाल उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।
मायावती के इस बयान के बाद आकाश आनंद की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, सपा की टिप्पणी ने यूपी की सियासत में इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है।