नोएडा में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद मंगलवार को पूरा प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए है और हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि कुछ संगठित गिरोह श्रमिकों को उकसाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और उन्हें किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
हिंसा के मामले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है, खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उपद्रवियों को फंडिंग कहां से मिली। इसके लिए संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है ताकि उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को नोएडा में 80 से ज्यादा जगहों पर हिंसा हुई, जिसमें कई वाहनों को आग के हवाले किया गया और जमकर तोड़फोड़ की गई। अनुमान है कि करीब 40 हजार से ज्यादा श्रमिक सड़कों पर थे, जिनमें से कुछ को भड़काकर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर है। हिंसा भड़काने वाले पोस्ट करने वाले दो अकाउंट्स पर कार्रवाई की जा चुकी है और एक संगठित गिरोह की भी पहचान हुई है, जिस पर कार्रवाई जारी है। पुलिस कमिश्नर ने श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने काम पर लौटें। वहीं, सरकार द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी इस मामले पर लगातार बैठक कर रही है और जल्द ही बड़े फैसलों का ऐलान किया जा सकता है।