विन न्यूज़ नेटवर्क। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी कड़ी में मुंबई में आयोजित प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए आयोजकों और इसमें शामिल कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और आगे की जांच जारी है।
मरीन ड्राइव और आजाद मैदान थाने में दर्ज हुए मामले
मुंबई पुलिस के अनुसार पहला मामला मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। इस केस में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) से जुड़े पूर्व विधायक मिलिंद कांबले का नाम शामिल किया गया है।
दूसरा मामला आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया, जिसमें प्रदर्शन के आयोजकों और 15 से 20 अज्ञात या नामजद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित करना नियमों का उल्लंघन है, इसलिए संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का दावा- बिना अनुमति किया गया था प्रदर्शन
अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसी वजह से कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
फिलहाल किसी भी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पुणे में FTII छात्रों ने निकाला तिरंगा मार्च
मुंबई के साथ-साथ पुणे में भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठी। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के छात्रों ने परिसर में शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
छात्रों ने हाथों में तिरंगा लेकर संस्थान की मुख्य इमारत से मुख्य प्रवेश द्वार तक पदयात्रा की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाया। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी एकजुटता व्यक्त की।
दिल्ली की कार्रवाई के बाद बढ़ा विरोध
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद से उनका अनशन अस्पताल में जारी है।
इसी कार्रवाई के विरोध में विभिन्न राज्यों में राजनीतिक संगठनों, छात्र समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन प्रदर्शन शुरू किए हैं।
19 जुलाई को भी हुआ था प्रदर्शन
इससे पहले 19 जुलाई को भी मुंबई में मंत्रालय के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के छात्र संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया था।
उस प्रदर्शन में संगठन के मुंबई अध्यक्ष एडवोकेट प्रशांत दिवटे अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। पुलिस ने उस समय प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया था।
देशभर में बढ़ रहा समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर कई छात्र संगठन, सामाजिक समूह और विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कहीं शांतिपूर्ण मार्च निकाले जा रहे हैं तो कहीं धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए कानूनी प्रक्रिया और अनुमति का पालन करना आवश्यक है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके समर्थन में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें छात्र संगठनों के साथ कुछ राजनीतिक दल भी शामिल हो रहे हैं।
फिलहाल मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामलों की जांच जारी है, जबकि पुणे और अन्य शहरों में समर्थन प्रदर्शन पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।