विन न्यूज़ नेटवर्क। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल कथित तौर पर ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि संभावित कार्रवाई में बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को लक्ष्य बनाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अमेरिका की ओर से किसी सैन्य अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
अमेरिकी मीडिया संस्थान CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कैंप डेविड में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर जताया सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब उन्हें तेहरान पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान बातचीत की बात करता है, लेकिन अपने वादों का पालन नहीं करता। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ईरान की भी कड़ी चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगी किसी भी प्रकार का सैन्य हमला करते हैं तो उसका जवाब पूरी तैयारी और ताकत के साथ दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश अपनी सुरक्षा और रणनीतिक ठिकानों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है और वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अमेरिका, ईरान और इजराइल की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
अमेरिका और इजराइल की ओर से किसी संभावित सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।