टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क की एक सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की उपलब्धियों को कमतर नहीं आंकना चाहिए। यह प्रतिक्रिया उस समय आई है, जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के आधार पर 2026 में वैश्विक GDP वृद्धि में भारत की बड़ी हिस्सेदारी का अनुमान सामने आया है।
एलन मस्क की टिप्पणी और IMF का अनुमान
एलन मस्क ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “The balance of power is changing।” मस्क ने @stats_feed के एक पोस्ट को री-शेयर किया था, जिसमें IMF के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया कि 2026 में वैश्विक GDP वृद्धि में चीन और भारत की संयुक्त हिस्सेदारी 43.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की वैश्विक GDP वृद्धि में अनुमानित हिस्सेदारी 17 प्रतिशत बताई गई है, जो अमेरिका से अधिक है। वहीं चीन की हिस्सेदारी 26.6 प्रतिशत, अमेरिका की 9.9 प्रतिशत, इंडोनेशिया की 3.8 प्रतिशत और जर्मनी की 0.9 प्रतिशत बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र कुल वैश्विक आर्थिक वृद्धि का लगभग 50 प्रतिशत योगदान देगा।
किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर बयान
एलन मस्क की इस टिप्पणी का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की आर्थिक आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने ‘एक्स’ पर लिखा,
“मैं सामान्यतः गैर-भारतीयों के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देता। मैं @elonmusk को सिर्फ इसलिए उद्धृत कर रहा हूं ताकि राहुल गांधी जी को यह समझाया जा सके कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत को कमतर न आंकें और देश की उपलब्धियों को कभी छोटा न करें। एक गर्वित भारतीय बनें।”
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी लगातार भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
राहुल गांधी की अर्थव्यवस्था पर आलोचना
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल के महीनों में कई बार सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पिछले वर्ष जुलाई में की गई “डेड इकॉनमी” टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा था कि मौजूदा आर्थिक स्थिति गंभीर है।
रविवार को संसद में केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा,
“युवा बिना नौकरियों के हैं। मैन्युफैक्चरिंग गिर रही है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत घट रही है। किसान संकट में हैं। वैश्विक झटकों का खतरा है—सब कुछ नजरअंदाज किया गया। यह बजट वास्तविक संकटों से आंखें मूंदे हुए है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बजट 2026-27 पर आयोजित यूथ डायलॉग के दौरान एलन मस्क की टिप्पणी और IMF के आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा,
“एलन मस्क IMF के डेटा को देखकर कहते हैं—क्या यह सच है? चीन वैश्विक GDP वृद्धि में 26 प्रतिशत और भारत 17 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। दोनों मिलकर 43 प्रतिशत से अधिक योगदान करते हैं। विपक्ष को भी यह समझना चाहिए कि भारत ने किस तरह की आर्थिक ताकत हासिल की है।”
सीतारमण ने कहा कि चीन और भारत के बीच अभी अंतर है, लेकिन इसे पाटा जा सकता है।
बजट 2026–27 और सरकार का पक्ष
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट है। सरकार ने इसे सुधारों की रूपरेखा और 21वीं सदी की दूसरी तिमाही के लिए विजन बताया।
बजट भाषण में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर दिया गया और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई। हालांकि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि बजट भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा और देश को शीघ्र तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प दोहराया।