उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 28 मार्च को एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन करेंगे। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की हवाई यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। 28 मार्च से पहले ही क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। सड़कों पर सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी, पंडालों का निर्माण और VVIP मेहमानों के लिए होटलों की बुकिंग जैसी तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि उद्घाटन समारोह में दो लाख से अधिक लोग शामिल होंगे, जो इस कार्यक्रम की भव्यता का संकेत देता है।
एयरपोर्ट की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल पर विशाल पंडाल लगाए जा रहे हैं, जहां हजारों लोग समा सकेंगे। बिजली, पानी, पार्किंग और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को परफेक्ट करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। ग्रेटर नोएडा प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट मोड में है। सूत्रों के अनुसार, सभी कोतवाली प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नामी होटलों में कमरों की बुकिंग सुनिश्चित करें। यमुना क्षेत्र से लेकर ग्रेटर नोएडा के प्रमुख होटलों तक VVIP और VIP मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था हो रही है। इसका मकसद है कि किसी भी अतिथि को कोई असुविधा न हो। सीनियर अधिकारी लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, ताकि हर छोटी-बड़ी तैयारी फ्लॉलेस हो।
सीएम योगी का सख्त निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां शत-प्रतिशत पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। सीएम ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के अलावा अन्य सुरक्षा बल तैनात होंगे। इसके अतिरिक्त, वीवीआईपी और वीआईपी अतिथियों की लंबी फेहरिस्त है। इसमें भाजपा के दिग्गज नेता, उत्तर प्रदेश के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, अन्य राज्यों के नेता शामिल होंगे। सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसलिए अन्य जिलों से पुलिस अधिकारी और जवान बुलाए गए हैं। ड्रोन निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और इमरजेंसी सेवाओं की भी पुख्ता तैयारी की जा रही है।
यह उद्घाटन समारोह केवल एक साधारण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। जेवर एयरपोर्ट, जिसे ‘ज्वाला’ नाम से जाना जाएगा, 1167 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। पहले चरण में 2025 तक 12 मिलियन पैसेंजर्स की क्षमता होगी, जो बाद में 70 मिलियन तक बढ़ेगी। यह दिल्ली-एनसीआर को डीगोंजेस्ट करने और पूर्वांचल को हवाई संपर्क से जोड़ने का बड़ा कदम है। पीएम मोदी के नेतृत्व में बने इस प्रोजेक्ट की लागत 10,056 करोड़ रुपये है। उद्घाटन के बाद पहली उड़ानें अप्रैल से शुरू हो सकती हैं, जो स्विट्जरलैंड की कंपनी जोहमर की एयरलाइंस से संचालित होंगी।
भाजपा की मेहनत, भव्य समारोह की तैयारी
भाजपा इस कार्यक्रम को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रही है। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा करते हुए नेता कहते हैं कि यह योगी सरकार की ‘उत्तर प्रदेश फर्स्ट’ नीति का जीता-जागता प्रमाण है। कार्यक्रम स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइट एंड साउंड शो और अन्य आकर्षण भी होंगे। ग्रेटर नोएडा के स्थानीय निवासियों में भी उत्साह है, क्योंकि यह एयरपोर्ट रोजगार और विकास के नए अवसर लाएगा। होटल इंडस्ट्री में भी बुकिंग की भारी मांग से खुशी की लहर है। प्रमुख होटल जैसे क्राउन प्लाजा, पार्क प्लाजा और अन्य में कमरों की कमी हो गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर नोएडा पुलिस ने ट्रायल रन शुरू कर दिया है। आसपास के इलाकों में वाहनों की जांच, सीसीटीवी नेटवर्क और क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात हैं। मौसम विभाग ने 28 मार्च को अच्छा मौसम रहने की भविष्यवाणी की है, जो कार्यक्रम को और भव्य बनाएगी। कुल मिलाकर, जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन उत्तर प्रदेश की प्रगति की नई कहानी लिखेगा। पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी एक बार फिर विकास के इस मेगा प्रोजेक्ट को जन-जन तक पहुंचाएगी। तैयारियां जोरों पर हैं, और नोएडा में एक नया अध्याय शुरू होने को तैयार है।