Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में पेपर लीक बिल पर गरमाई बहस, गौरव गोगोई ने सरकार पर साधा निशाना, बांसुरी स्वराज का पलटवार

Vin News Network
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लोकसभा में पेपर लीक बिल पर सरकार-विपक्ष में तीखी बहस

विन न्यूज़ नेटवर्क। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सोमवार को जोरदार बहस देखने को मिली। केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्षी शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की बात कही।

संसद के मानसून सत्र के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर नहीं है और यह बिल केवल दिखावे के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पहले बनाए गए कानूनों का भी प्रभावी तरीके से पालन नहीं हुआ और पेपर लीक के कई मामलों में आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ गए।

सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल

गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बातें करती है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं। उनके मुताबिक, पहले भी इस तरह के कानून लाए गए थे, लेकिन उनका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। उन्होंने यह भी पूछा कि पेपर लीक मामलों में जिन अधिकारियों का तबादला या निलंबन किया गया, उनकी जवाबदेही आखिर तय क्यों नहीं हुई।

कांग्रेस सांसद ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि कार्रवाई के नाम पर जिन 47 अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए गए, उनकी भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई हुई।

एनटीए और नियुक्तियों को लेकर लगाए आरोप

बहस के दौरान गौरव गोगोई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी के नेतृत्व और शिक्षा संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों पर पहले भी परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगे थे, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।

गोगोई ने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता से अधिक राजनीतिक विचारधारा को महत्व दिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया गया।

गृहमंत्री से मांगा जवाब

गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान हाल के विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और सुरक्षा बलों द्वारा पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन तथा लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई के आदेश किस स्तर से दिए गए थे। उन्होंने गृहमंत्री से इस पूरे मामले पर सदन में जवाब देने की मांग की।

बांसुरी स्वराज का विपक्ष पर पलटवार

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पेपर लीक की सबसे अधिक घटनाएं उन राज्यों में सामने आई हैं, जहां विपक्षी दलों की सरकारें रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और एंटी पेपर लीक बिल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चर्चा का समय बढ़ाने पर बनी सहमति

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत के बाद एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का समय बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि पहले तय छह घंटे की चर्चा को बढ़ाकर आठ घंटे करने पर सभी दल सहमत हैं।

रिजिजू ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक पर दस घंटे तक चर्चा कराने के लिए भी तैयार है। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि सभी दल अपनी बात विस्तार से रखें ताकि विधेयक पर व्यापक चर्चा हो सके।

शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित रही बहस

लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के उपाय प्रमुख मुद्दे रहे।

सत्ता पक्ष ने बिल को छात्रों के हित में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। अब इस विधेयक पर आगे की चर्चा और सदन की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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