अहमदाबाद : गुजरात के अहमदाबाद में विमान हादसे पर शनिवार को सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि पहले दिन से हादसे की जांच जारी है। केंद्रीय गृह सचिव के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है। जो 3 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इधर, विमान के मलबे से एक और शव बरामद हुआ है। बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से जब मलबा हटाया जा रहा था, तब विमान की टेल (पिछले हिस्से) में फंसा हुआ शव दिखा। इसका पोस्टमॉर्टम हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह शव एयर होस्टेस का हो सकता है। लंदन जाने वाली एयर इंडिया के विमान का टूटा हुआ पिछला हिस्सा बी.जे. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल की क्षतिग्रस्त इमारत की छत से उठाया गया। विमान में सवार 242 लोगों में से चालक दल के सदस्यों सहित 241 लोगों की दुर्घटना में मौत हो गई।
उधर, आज भी मारे गए लोगों की DNA सैंपलिंग का काम जारी है। सिविल अस्पताल के बाहर परिजन की भीड़ है। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। पोस्टमॉर्टम यूनिट के आसपास बाहरी लोगों की एंट्री बंद है। सिविल अस्पताल में अब तक 270 से ज्यादा शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। इसके अलावा, 230 लोगों की DNA सैंपलिंग की जा चुकी है। 8 शवों की शिनाख्त हो गई है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में विमान के पायलट सुमित सभरवाल का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) को भेजा गया आखिरी मैसेज सामने आया है। 4-5 सेकेंड के संदेश में सुमित कह रहे हैं, मेडे, मेडे, मेडे… थ्रस्ट नहीं मिल रहा। पावर कम हो रही है, प्लेन उठ नहीं रहा। नहीं बचेंगे।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, हमारे देश में सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं…जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने भी 787 विमानों की विस्तृत निगरानी करने का आदेश दिया है। आज हमारे भारतीय विमान बेड़े में 34 विमान हैं। मेरा मानना है कि 8 विमानों की पहले ही जांच हो चुकी है और तत्काल सभी विमानों की जांच की जाएगी। पिछले दो दिन बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुई दुर्घटना से पूरा देश स्तब्ध है। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है… मैं व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल पर गया था, ताकि देख सकूं कि क्या किया जाना चाहिए, क्या सहायता प्रदान की जानी चाहिए और यही गुजरात सरकार का रवैया था। भारत सरकार और मंत्रालय के अन्य लोगों का भी यही रवैया था। जब हम घटनास्थल पर पहुंचे, तो हमने देखा कि सभी संबंधित विभागों की टीमें ज़मीन पर काम कर रही थीं, जो भी संभव हो, बचाव करने की कोशिश कर रही थीं, आग को कम करने और मलबे को हटाने की कोशिश कर रही थीं, ताकि शवों को जल्द से जल्द अस्पताल भेजा जा सके। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को तुरंत सक्रिय किया गया, जिसे विशेष रूप से विमानों के आसपास होने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं की जांच करने के लिए बनाया गया था। AAIB के माध्यम से हो रही तकनीकी जांच से एक महत्वपूर्ण अपडेट कल शाम 5 बजे के आसपास घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स की बरामदगी है। AAIB टीम का मानना है कि ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग गहराई से जानकारी देने वाली है कि दुर्घटना की प्रक्रिया के दौरान या दुर्घटना से पहले के क्षणों में वास्तव में क्या हुआ होगा, इसकी जानकारी। हम इस बात का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि AAIB द्वारा पूरी जांच के बाद क्या परिणाम या रिपोर्ट सामने आएगी।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बताया, विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था। लगभग 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह ऊंचाई खोने लगा। पायलट ने ATC को 1:39 बजे पूर्ण इमरजेंसी की सूचना दी थी। ATC के अनुसार जब उसने विमान से संपर्क करने की कोशिश की उसका कोई जवाब नहीं मिला। 1 मिनट के बाद विमान एयरपोर्ट से 2 किलोमीटर दूर मेघानी नगर दुर्घटनाग्रस्त हो गया…विमान ने इस दुर्घटना से पहले पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ाई बिना किसी घटना के पूरी की थी। दुर्घटना के कारण 2.30 बजे एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया था। जिसे सभी प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद 5 बजे खोला गया।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के बयान पर कहा, यह चिंता का विषय तो है, ऐसा विमान हादसा जिसमें दोनों इंजन एक साथ खराब हो गए, 40 सेकंड बहुत कम समय है। मुझे लगता है कि इसे सिर्फ तकनीकी कारणों के नजरिए से देखना गलत होगा और जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी लेने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, जांच चल रही है। भारत सरकार, DGCA इसकी गहन जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए जो भी एहतियाती कदम उठाने होंगे, उठाएगी। जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा, हम घायलों का ख्याल रख रहे हैं। गंभीरता से जांच की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, जांच चल रही है। भारत सरकार, DGCA इसकी गहन जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए जो भी एहतियाती कदम उठाने होंगे, उठाएगी। जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा, हम घायलों का ख्याल रख रहे हैं। गंभीरता से जांच की जाएगी।
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, “गृह विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री में अभी एक बैठक का आयोजन किया गया था। फॉरेंसिक साइंस की पूरे गुजरात की टीम पिछली 2 रातों से सभी परिवारों के DNA सैंपलिंग का काम कर रही हैं। भारत सरकार से भी बड़ी संख्या में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद यहां भेजी गई है।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, बहुत लोगों ने जान गंवाई हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि इसकी जांच हो। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां देश को बताएंगी कि ये हादसा किस कारण से हुआ है। भविष्य में लोगों की जान की सुरक्षा के लिए जो सुधारक उपाय जरूरी हों, वो उपाए किए जाएं।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा, अहमदाबाद में जो हादसा हुआ, वो दिल दहला देने वाला था। हम उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने आए हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया, जिनके लोग घायल हैं… स्थानीय लोग, मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले लोगों की मृत्यु हुई, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का की मृत्यु हुई। उन सभी के प्रति हमारी संवेदनाएं, गुजरात के आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता प्रशासन और स्थानीय लोगों की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं।
अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे पर योगगुरू बाबा रामदेव ने तुर्किए की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा कि मुझे ये पता चला है कि तुर्की की एक एजेंसी जो विमानों में मेंटेनेंस का काम करती है, कहीं तुर्किए ने तो इसके जरिए दुश्मनी नहीं निकाली, कहीं उसने तो कोई साज़िश नहीं रची है। उन्होंने कहा कि भारत को अब इस तरह के संवेदनशील मामलों में तो विदेशी हस्तक्षेप को कम करना पड़ेगा।
रामदेव ने कहा कि इस विमान हादसे के पीछे इस बात पर भी दृष्टि होनी चाहिए कि मुझे पता लगा है कि तुर्की की एक एजेंसी जो मैनेटनेंस का काम करती है। ऐसे में एविएशन सेक्टर पर भारत को और नजर रखनी चाहिए, तुर्किए ने कहीं दुश्मनी तो नहीं निकाली है इसके जरिए क्योंकि उसकी कंपनी मेंटेनेंस सर्विस का काम करती थी कहीं उसने तो कोई साजिश नहीं रची है। भारत को सौ प्रतिशत ऐसे संवेदनशील मामलों में तो विदेशी लोगों के हस्तक्षेप को कम करना पड़ेगा।
तुर्किए का एंगल क्यों आया सामने?
दरअसल अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एक एंगल तुर्किए को लेकर भी निकलकर आ रहा है। इसकी वजह ये हैं कि तुर्किए की कंपनी टर्किश टेक्निक एक ग्लोबल एविएशन सर्विस प्रोवइडर है। भारत में भी कुछ एयरलाइंस इस कंपनी की क्लाइंट हैं। इनमें एयर इंडिया और इंडिगो भी शामिल थे।
जहां तक एयर इंडिया की बात है तो एयरलाइंस बोइंग 777 के बेड़े की मेंटेनेंस के लिए टर्किश टेक्निक के पास अपने विमानों को भेजती थी, जिसमें बुनियादी रखरखाव, पुनर्वास और रेट्रोफिट का काम किया जाता था। हालांकि, एयर इंडिया टर्किश कंपनी के साथ-साथ भारत की एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (AIESL) व कुछ अन्य देशों में भी विमानों की मेंटेनेंस करवाती थी। लेकिन, ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्किए ने जिस तरह से पाकिस्तान का साथ दिया। उसके बाद भारत में उसका बायकॉट शुरू हो गया और एयर इंडिया ने भी टर्किश टेक्निक के साथ अपने करार को खत्म कर लिया था।