प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में देश को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि भले ही विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई समर्थन न मिला हो, लेकिन उन्हें विश्वास है कि देश की पूरी नारीशक्ति का आशीर्वाद सरकार के साथ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला आरक्षण के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा और महिलाओं की संसद व विधानसभाओं में भागीदारी बढ़ाने से कोई भी राजनीतिक दल उन्हें रोक नहीं पाएगा।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमेशा से सुधारों को रोकने, टालने और भटकाने की राजनीति करती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति की सोच ब्रिटिश शासन से प्रभावित रही है और वह आज भी उसी प्रवृत्ति के साथ आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार कांग्रेस ने देश में विभाजनकारी भावनाओं को बढ़ावा दिया है और परिसीमन जैसे मुद्दों पर भी भ्रम फैलाने का प्रयास किया है, जबकि सरकार का उद्देश्य सभी राज्यों की भागीदारी को समान रूप से बढ़ाना है।
मोदी ने यह भी दावा किया कि परिवारवादी राजनीतिक दलों को महिला आरक्षण से इसलिए आपत्ति है क्योंकि इससे उनके पारिवारिक नेतृत्व को चुनौती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि ये दल नहीं चाहते कि उनके बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें और नेतृत्व में अपनी जगह बनाएं। उनके अनुसार महिला आरक्षण का विरोध करना इन दलों की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह विधेयक पिछले कई दशकों से लंबित था और अब इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है, जिससे 21वीं सदी की महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे और उनके सामने मौजूद बाधाएं समाप्त होंगी। उन्होंने इसे महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर यह भी आरोप लगाया कि ये दल महिलाओं के सशक्तिकरण के विरोधी हैं और कई महत्वपूर्ण सुधारों जैसे तीन तलाक कानून, अनुच्छेद 370 हटाने और अन्य राष्ट्रीय सुधारों का भी विरोध करते रहे हैं। उनके अनुसार ये दल देश को मजबूत बनाने वाली नीतियों का विरोध करते हैं।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके इन दलों ने नारी शक्ति और संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं सब देख रही हैं और समय आने पर इसका राजनीतिक परिणाम भी सामने आएगा।