विन न्यूज़ नेटवर्क। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सोमवार सुबह एक बड़ी अग्निकांड की घटना सामने आई। शहर के थनीसंद्रा इलाके में स्थित एक कार गैराज में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना के समय गैराज में कई लग्जरी और प्रीमियम कारें खड़ी थीं, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 25 से अधिक कारें पूरी तरह नष्ट हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सुबह-सुबह धधक उठा कार गैराज
जानकारी के मुताबिक, आग सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे थनीसंद्रा इलाके के एक निजी कार गैराज में लगी। शुरुआती दौर में आग एक हिस्से तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसने पूरे गैराज को अपनी चपेट में ले लिया।
गैराज के भीतर बड़ी संख्या में खड़ी कारों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते कई वाहन आग की लपटों में घिर गए और पूरा परिसर धुएं के गुबार से भर गया। स्थानीय लोगों ने जब आग की ऊंची लपटें देखीं तो तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी।
लग्जरी कारें भी नहीं बच सकीं
बताया जा रहा है कि गैराज में सामान्य वाहनों के अलावा कई महंगी और लग्जरी कारें भी सर्विसिंग और मरम्मत के लिए खड़ी थीं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अधिकांश वाहन पूरी तरह जल गए और केवल उनका ढांचा ही बच पाया।
फिलहाल नुकसान का सटीक आकलन नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग से करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
दमकल विभाग ने दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की पांच दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने लगातार दो घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का अभियान चलाया।
आग इतनी भीषण थी कि दमकल कर्मियों को लपटों पर काबू पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि उनकी सतर्कता के कारण आग को आसपास की इमारतों और अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
संपीगेहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही भी शामिल थी।
जनहानि नहीं, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान
इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय गैराज में कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, बड़ी संख्या में वाहनों के जलने से गैराज मालिक और वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि गैराज में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐसे व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कितना प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।