विन न्यूज़ नेटवर्क। भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता और सांसद रवि किशन इन दिनों प्राइम वीडियो के रियलिटी शो अलायंस में नजर आ रहे हैं। इस शो को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं और इसमें रवि किशन अपनी बेटी रीवा किशन के साथ शामिल हुए हैं। हाल ही में शो के दौरान उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कई भावुक बातें साझा कीं।
90 के दशक में मुझे कोई भाव नहीं देता था- रवि किशन
कंटेस्टेंट्स के साथ बातचीत में रवि किशन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद उन्हें लंबे समय तक पहचान नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई कलाकार उनका मजाक उड़ाते थे और उन्हें गंभीरता से नहीं लेते थे। उनके मुताबिक, वे देखते रहे कि उनके साथ काम करने वाले कई लोग धीरे-धीरे बड़े स्टार बनते गए, जबकि उन्हें सफलता का इंतजार करना पड़ा।
रवि किशन ने बताया कि, मेरी जिंदगी में ऐसे कई लोग आए जिन्होंने मेरा मजाक उड़ाया। 90 के दशक में वे एक-एक कर स्टार बन रहे थे और मैं सिर्फ उन्हें आगे बढ़ते हुए देख रहा था।
खुद को पूरी तरह तैयार मानते थे
रवि किशन ने बताया कि उन्होंने अभिनय में आने से पहले हर जरूरी कला सीखने की कोशिश की थी। उनका मानना था कि एक अभिनेता में जो भी गुण होने चाहिए, वे सब उन्होंने सीखे थे। उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद उन्हें वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी।
मेरा समय आने में 34 साल लग गए- रवि किशन
रवि किशन ने कहा कि वे हमेशा खुद से कहते थे कि अगर दूसरों का समय आया है तो उनका भी जरूर आएगा। हालांकि उन्हें अंदाजा नहीं था कि उस पल के लिए उन्हें तीन दशक से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। रवि किशन ने कहा कि, मैं पूरी तरह तैयार था, लेकिन फिर भी पीछे रह गया। मैं खुद से कहता था कि मेरा समय भी आएगा, पर मुझे नहीं पता था कि उसमें पूरे 34 साल लग जाएंगे।
जब मिली असली पहचान
उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने काम का पूरा सम्मान मिला। उस साल उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के कई पुरस्कार मिले और वे मंच, जहां पहले उन्हें बुलाया भी नहीं जाता था, वहीं उनका सम्मान किया गया। रवि किशन ने बताया कि, पहले लोग मुझे बुलाते नहीं थे और मेरा मजाक उड़ाते थे। किसी को भरोसा नहीं था कि मैं कुछ कर पाऊंगा, लेकिन आज मैं यहां हूं। उनकी यह कहानी सुनकर शो के कई कंटेस्टेंट्स भी भावुक हो गए।
बॉलीवुड से भोजपुरी सुपरस्टार बनने तक
रवि किशन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1990 के दशक में की थी। शुरुआती दौर में वे पितांबर, आतंक, आर्मी और जख्मी दिल जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि बॉलीवुड में उन्हें सीमित पहचान मिली। बाद में उन्होंने भोजपुरी सिनेमा की ओर रुख किया और वहीं उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली।
भोजपुरी सिनेमा में बनाया बड़ा नाम
सैंया हमार और पंडित जी बताई ना बियाह कब होई जैसी फिल्मों ने रवि किशन को भोजपुरी इंडस्ट्री का बड़ा सितारा बना दिया। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि उन्हें देशभर में पहचान भी दिलाई।
संघर्ष से सफलता तक का संदेश
रवि किशन की कहानी उन कलाकारों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है जो लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद भी अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ते। उन्होंने अपने अनुभव से यह संदेश दिया कि मेहनत और धैर्य के साथ इंतजार करने वालों को देर से ही सही, लेकिन पहचान जरूर मिलती है।