विन न्यूज़ नेटवर्क। NEET परीक्षा विवाद को लेकर बुधवार को बुलाए गए बिहार बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन से आयोजित इस बंद के दौरान कई स्थानों पर सड़क जाम, विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। पटना, छपरा, सिवान, गया, समस्तीपुर, सहरसा, भोजपुर और नवादा समेत कई जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। कुछ स्थानों पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जबकि छपरा में पुलिस पर पथराव की घटना भी सामने आई।
पटना में प्रदर्शनकारियों को रोका, कई हिरासत में
राजधानी पटना में गांधी मैदान के आसपास सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई थी और गांधी मैदान परिसर पर भी लगातार निगरानी रखी गई।
तेज प्रताप यादव ने किया बंद का समर्थन
बिहार बंद को कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने गांधी मैदान स्थित रामगुलाम चौक पर पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
छपरा में पुलिस पर पथराव, फिर हुआ लाठीचार्ज
छपरा के थाना चौक पर प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई।
सिवान, गया और सहरसा में भी तेज रहा विरोध
सिवान में प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। वहीं गया में छात्रों ने कॉलेज परिसर से विरोध मार्च निकालकर परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति होने की बात कही, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सहरसा में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क पर धरना देकर पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध किया। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई।
समस्तीपुर और भोजपुर में सड़क जाम व आगजनी
समस्तीपुर में प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख चौराहों पर सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहीं भोजपुर जिले के जगदीशपुर क्षेत्र में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी की। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर हालात पर नजर बनाए रखी।
नवादा में हाई अलर्ट, ड्रोन से हुई निगरानी
नवादा जिले में संभावित बड़े प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर रहा। जिले के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर की निगरानी की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा योजना लागू की गई थी।
भीम आर्मी ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
नवादा में भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त
बिहार बंद के मद्देनजर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला मुख्यालय, सरकारी कार्यालयों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लगातार हालात की निगरानी की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की। पूरे दिन कई जिलों में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।