उत्तर प्रदेश में जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट बरामद हुए हैं, जिनमें हर पासपोर्ट पर अलग पता और अलग अभिभावक दर्ज है। इन पासपोर्टों में एक में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, दूसरे में लखनऊ और तीसरे में फरीदाबाद का पता है, जबकि अभिभावक के तौर पर एक में पिता, दूसरे में पति और तीसरे में भाई डॉ. परवेज अंसारी को दर्शाया गया है। जांच के अनुसार शाहीन इन पासपोर्टों का इस्तेमाल कर तीन बार पाकिस्तान और कई अन्य देशों की यात्रा कर चुकी है, जिसमें 2013 में थाईलैंड की यात्रा भी शामिल है।
फरीदाबाद में विस्फोटक बरामदगी और दिल्ली ब्लास्ट के बाद पकड़ी गई शाहीन ने अपने नवीनतम पासपोर्ट में भाई डॉ. परवेज को अभिभावक के रूप में दर्ज किया था। इस पासपोर्ट में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ कैंपस का पता भी दर्ज है, जहां उसका भाई कार्यरत था। इसके बाद एजेंसियां कानपुर मेडिकल कॉलेज से लेकर लखनऊ के यूनिवर्सिटी कैंपस तक उसके और उसके भाई के संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि शाहीन ने अलग-अलग पासपोर्ट से तीन बार पाकिस्तान और छह अन्य देशों की यात्राएं की हैं। इसके अलावा, 2013 में कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद वह थाईलैंड गई थी जबकि उसका भाई डॉ. परवेज 2021 से पहले तीन वर्ष तक मालदीव में रह चुका था।
शाहीन और डॉ. आरिफ के आतंकी कनेक्शन के खुलासे के बाद, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कुछ अन्य डॉक्टरों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर गई है। ऐसे दो-तीन डॉक्टर जिनकी जीवनशैली, पहनावा और व्यवहार में अचानक बदलाव आया है, उनकी भी जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसियां इन डॉक्टरों की यात्राओं, भागीदारी कार्यक्रमों, संपर्कों और पारिवारिक नेटवर्क की भी पूरी जानकारी जुटा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार पहले बहुत सामाजिक रहने वाले ये डॉक्टर अब लोगों से कम मिलने-जुलने लगे हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियों ने इनके रहन-सहन, छुट्टियों के रिकॉर्ड, परिवार और संपर्कों की भी विस्तृत जांच शुरू की है। रविवार को भी टीम ने मेडिकल कॉलेज में उनसे जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण किया और उनके गतिविधियों का विस्तृत सर्वेक्षण किया।