कलिम्पोंग में खास भारतीय परोपकारी सम्मेलन में सांसद राजू बिस्ता ने गोरखा एकता पर दिया जोर

Vin News Network
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खास भारतीय परोपकारी सम्मेलन के 10वें केंद्रीय आम सम्मेलन में भाग लेते दार्जलिंग के सांसद राजू बिस्ता

दार्जलिंग के सांसद राजू बिस्ता ने कलिम्पोंग में आयोजित खास भारतीय परोपकारी सम्मेलन के 10वें केंद्रीय आम सम्मेलन में शिरकत की और आयोजकों को अपनी शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने गोरखा समाज की विविधता, एकता और सामूहिक पहचान पर विस्तार से अपने विचार रखे।

अपने संबोधन में सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि गोरखा राष्ट्र विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और धर्मों से जुड़े समुदायों और जनजातियों का संगम है। उन्होंने गोरखा समाज की तुलना एक ऐसे फूलों के बगीचे से की, जिसमें हर फूल की अपनी अलग पहचान, रंग और सुगंध होती है, और सभी मिलकर एक सुंदर और समृद्ध बगीचे का निर्माण करते हैं।

राजू बिस्ता ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारत के विभिन्न हिस्सों में बसे गोरखा समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में खास समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और सम्मानजनक रहा है। उन्होंने कहा कि खास भारतीय हेतकरी सम्मेलन जैसे मंच देशभर में फैले खास और गोरखा समुदायों को भावनात्मक रूप से जोड़ने और आपसी एकता को मजबूत करने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि गोरखाओं का सामूहिक अस्तित्व तभी सशक्त रह सकता है, जब समाज के सभी घटक समुदाय समान रूप से आगे बढ़ें और समृद्ध हों। सांसद ने कहा कि गोरखा समाज की पहचान और भविष्य उसकी आंतरिक एकता और आपसी सहयोग पर निर्भर करता है।

कार्यक्रम के समापन पर राजू बिस्ता ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक पहचान को मजबूत करने का आह्वान किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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