शेयर बाजार में जोरदार Surge: सेंसेक्स 1,100 अंक चढ़ा, निवेशकों की संपत्ति ₹8 लाख करोड़ बढ़ी

Vin News Network
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वैश्विक संकेतों और तेल कीमतों में गिरावट से बाजार में आई तेजी

मध्य पूर्व में संभावित तनाव-कम होने की उम्मीदों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 दोनों मजबूती के साथ ऊपर खुले और दिन के पहले सत्र में बड़ी बढ़त दर्ज की।

सुबह लगभग 9:48 बजे तक सेंसेक्स करीब 1,150 अंक उछलकर 75,214 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 लगभग 369 अंक बढ़कर 23,278 पर कारोबार कर रहा था। इस तेजी के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब ₹431 लाख करोड़ तक पहुंच गया। अनुमान है कि केवल कुछ घंटों की इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹8 लाख करोड़ की वृद्धि हुई।

वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से आए सकारात्मक संकेत रहे। Donald Trump द्वारा अमेरिका-ईरान संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में प्रगति की बात कहे जाने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। संभावित युद्धविराम (सीज़फायर) की उम्मीदों ने वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बनाया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूत बढ़त देखी गई। Nikkei 225 लगभग 3% चढ़ा, KOSPI करीब 2% ऊपर रहा और ताइवान का प्रमुख सूचकांक भी लगभग 3% उछला। एशियाई बाजारों की इस मजबूती ने दलाल स्ट्रीट को सकारात्मक दिशा दी।

हालांकि अमेरिकी बाजारों में पिछली रात कमजोरी रही। Nasdaq Composite करीब 1% गिरा और S&P 500 लगभग 0.4% नीचे बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला ब्रिटेन का FTSE 100 बढ़त में रहा, जबकि फ्रांस और जर्मनी के प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट रहे।

तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
तेजी की एक और अहम वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। Brent Crude लगभग 5% गिरकर $100 प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया और करीब $99 के आसपास पहुंच गया।

माना जा रहा है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव कम होता है तो Strait of Hormuz से तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आएगी। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक संकेत मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम हो सकता है।

किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

सेंसेक्स की कंपनियों में कई प्रमुख शेयरों में 2–3% तक की तेजी दर्ज की गई। इनमें प्रमुख रूप से

Bajaj Finance
Mahindra & Mahindra
UltraTech Cement
Adani Ports
Bajaj Finserv

जैसी कंपनियां शामिल रहीं।

इसके विपरीत आईटी सेक्टर कमजोर रहा। Tech Mahindra, HCLTech और Infosys के शेयरों में 3% तक की गिरावट देखी गई।

सेक्टरों का प्रदर्शन

सेक्टोरल स्तर पर लगभग सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, सिवाय Nifty IT के।

सबसे ज्यादा बढ़त Nifty Realty में रही, जो लगभग 3.5% चढ़ा। इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, ऑटो और मीडिया सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

मार्केट ब्रेड्थ भी बेहद मजबूत रही करीब 2,347 शेयर बढ़त में, 217 गिरावट में और 49 बिना बदलाव के कारोबार करते दिखे। यह संकेत देता है कि तेजी व्यापक थी, केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं।

रुपये पर दबाव बरकरार
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय मुद्रा कमजोर बनी रही। रुपया डॉलर के मुकाबले 93.95 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 93.8650 से थोड़ा कमजोर है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वे पिछले 18 सत्रों से शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं और केवल मंगलवार को ही लगभग ₹8,010 करोड़ के शेयर बेचे गए। लगातार हो रही यह निकासी बाजार के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी फिलहाल बाजार को सहारा दे रही है।

तकनीकी नजरिया: आगे क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की संरचना अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। निफ्टी के लिए 23,350 से 23,800 का स्तर अगला संभावित लक्ष्य माना जा रहा है। हालांकि निकट अवधि में कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव या कंसोलिडेशन हो सकता है।

23,000 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि 22,880 के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी देखी जा सकती है। यदि सूचकांक 22,640 से नीचे जाता है, तो तेजी की गति कमजोर पड़ सकती है।

वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद, तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुद्रा की कमजोरी जैसे जोखिम अभी भी मौजूद हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा और वैश्विक आर्थिक संकेत बाजार की चाल तय करेंगे।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। VIN News Network किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह नहीं देता है।

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