नई दिल्ली। भारतीय राजनीति एक बार फिर सियासी आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई हुई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर खतरनाक रास्ते पर चल रहे हैं और कांग्रेस पार्टी विपक्ष की आड़ में देश को कमजोर करने का काम कर रही है।
राहुल गांधी पर गंभीर आरोप
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी कांग्रेस, विदेशी साज़िशकर्ताओं के साथ काम कर रही है। उन्होंने खासतौर से जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए कहा कि सोरोस खुले तौर पर कह चुके हैं कि भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए जाएंगे।
रिजिजू ने दावा किया कि कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और वामपंथी संगठनों में बैठी भारत विरोधी ताकतें, खासतौर पर खालिस्तानी संगठन, लगातार भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस ऐसे ही समूहों के साथ खड़े हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित भारत
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि भले ही विपक्ष कितनी भी साजिशें रचे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और राहुल गांधी जितनी भी कोशिश कर लें, वे इस देश को अस्थिर नहीं कर सकते। पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार मजबूत है और देशवासियों का भरोसा भारतीय संस्थानों पर कायम है।”
हार के बाद विपक्ष पर हमला
रिजिजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब भी पार्टी चुनाव हारती है, तब वह भारत विरोधी ताकतों के साथ हाथ मिला लेती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावों में हारने के बाद हमेशा न्यायपालिका, चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमला करती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस बार-बार ये कहती है कि न्यायपालिका और चुनाव आयोग बिक चुके हैं। यह बयानबाजी जनता का विश्वास खत्म करने और देश को अस्थिर करने के लिए की जाती है।”
विपक्ष की रणनीति पर सवाल
रिजिजू ने आगे कहा कि विपक्ष देश में लगातार अस्थिरता पैदा करने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “जब विपक्ष सरकार और संस्थानों की विश्वसनीयता पर हमला करता है, तो उसका असर जनआंदोलनों और अव्यवस्था के रूप में सामने आता है। यह सोच देश के लिए बेहद खतरनाक है।” केंद्रीय मंत्री ने इसे एक प्रकार की वामपंथी मानसिकता करार दिया, जिसमें हर समय सरकार और संस्थानों को कमजोर करने की कोशिश की जाती है।
राहुल गांधी पर सीधा तंज
रिजिजू ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत तौर पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब संसद में बोलते हैं, तो उनकी ही पार्टी के सांसद असहज हो जाते हैं। उनके शब्दों में, “राहुल गांधी कुछ बोलते हैं, तो उनके सारे सांसद डर जाते हैं कि न जाने अब क्या कह दें। उनके बयान से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उनकी बात नहीं सुनते।”
विपक्ष बनाम सत्ता: सियासी जंग तेज
रिजिजू के इस बयान से एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी पहले भी केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर कई बार सवाल उठाते रहे हैं। वहीं बीजेपी लगातार उन पर देश की छवि खराब करने और विपक्षी ताकतों के साथ खड़े होने का आरोप लगाती रही है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब 2024 लोकसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विपक्ष मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि किरेन रिजिजू के इस बयान का उद्देश्य विपक्ष को कठघरे में खड़ा करना है। दरअसल, राहुल गांधी को लेकर बीजेपी का यह आरोप नया नहीं है। लेकिन जिस तरह से रिजिजू ने जॉर्ज सोरोस और खालिस्तानी संगठनों का नाम लिया, उससे यह साफ होता है कि सरकार विपक्ष को विदेशी ताकतों के साथ जोड़कर जनता के सामने पेश करना चाहती है।
दूसरी ओर, कांग्रेस राहुल गांधी के बयानों को लोकतांत्रिक अधिकार बताती है और सरकार पर आरोप लगाती है कि वह विपक्ष की आवाज दबा रही है।