प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानेज़ के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
बैठक में दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रक्षा, शिक्षा और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने भारत की भूमिका को ग्लोबल साउथ की एक अग्रणी आवाज़ के रूप में रेखांकित किया और विकासशील देशों के लिए समावेशी विकास, सतत वृद्धि और प्रौद्योगिकी तक समान पहुंच की अहमियत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री एल्बानेज़ ने भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की पहल का स्वागत किया और कहा कि मजबूत द्विपक्षीय संबंध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि में योगदान कर सकते हैं। दोनों नेताओं ने व्यापार, जलवायु वित्त और महामारी तैयारी जैसे बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग को महत्व दिया।
यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी की निरंतर प्रगति को दर्शाती है, जो हाल के वर्षों में रक्षा समझौतों, व्यापार साझेदारी और शिक्षा एवं अनुसंधान में सहयोग के माध्यम से मजबूत हुई है। दोनों पक्षों ने ग्रीन हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिज और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त परियोजनाओं के अवसर तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की, ताकि सतत आर्थिक विकास और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस चर्चा में ग्लोबल साउथ देशों के हितों को G20 ढांचे के माध्यम से मजबूत करने की भी अहमियत पर ध्यान दिया गया। इसमें विशेष रूप से जलवायु अनुकूलन, ऊर्जा सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर सहयोग को प्राथमिकता दी गई।
बैठक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई और दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी आने वाले समय में साझा आर्थिक, रणनीतिक और मानवतावादी लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगी, जिससे वैश्विक व्यवस्था अधिक लचीली, समावेशी और संतुलित बनेगी।