उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधान भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण कानून को लेकर किया गया, जिसमें सपा नेताओं ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और हाथों में “33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करो” लिखे बैनर लेकर नारेबाजी की। बाद में वे विधान भवन के गेट के सामने सड़क पर भी उतर आए।
सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है और परिसीमन के बहाने इस कानून को लागू करने से बचना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्षधर रहे हैं।
इसी मुद्दे पर विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और इसे 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू करने की मांग की। वहीं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने भी कहा कि सपा महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार इसे राजनीतिक तरीके से उपयोग कर रही है।
सपा विधायक कमाल अख्तर ने सवाल उठाया कि जब संसद से यह कानून सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, तो इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
उधर, विधानसभा के इस विशेष सत्र में सरकार विपक्ष पर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, जिसमें आरोप है कि विपक्ष ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने में बाधा डाली। इससे सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।