विन न्यूज़ नेटवर्क। जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड के आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली। 16 सितंबर को खुला यह आईपीओ 18 सितंबर को बंद हुआ और अंतिम दिन तक इसे कुल 181.07 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 93.99 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 170.20 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
किस कैटेगरी में कितनी बोली लगी?
आईपीओ में अलग-अलग निवेशक वर्गों की भागीदारी भी काफी ज्यादा रही। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 149.34 गुना, एनआईआई कैटेगरी 327.99 गुना और क्यूआईबी कैटेगरी 126.41 गुना सब्सक्राइब हुई। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 88 से 93 रुपये तय किया था और एक लॉट में 161 शेयर रखे गए थे।
14,973 रुपये में एक लॉट
रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 161 शेयर निर्धारित थे। ऊपरी प्राइस बैंड यानी 93 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए 14,973 रुपये लगाने होते। आईपीओ में न्यूनतम बोली एक लॉट की थी। कंपनी के इश्यू में फ्रेश शेयरों के साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल था।
21 सितंबर को अलॉटमेंट, 23 को लिस्टिंग
आईपीओ बंद होने के बाद शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 21 सितंबर को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके लिए रिफंड की शुरुआत 22 सितंबर को हो सकती है। इसी दिन शेयर डीमैट खाते में क्रेडिट किए जाने हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर 23 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने हैं।
GMP में भी दिखी हलचल
19 सितंबर को उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक जिंदल सुप्रीम के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब ₹26.50 बताया गया। यह ऊपरी प्राइस बैंड 93 रुपये के मुकाबले करीब 28.49 प्रतिशत के प्रीमियम के बराबर है। हालांकि, GMP आधिकारिक एक्सचेंज डेटा नहीं है और यह अनौपचारिक बाजार संकेतक है, इसलिए वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल
जिंदल सुप्रीम स्टील पाइप और ट्यूब जैसे उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा कर्ज के भुगतान या पूर्व भुगतान में इस्तेमाल किया जाना है, जबकि बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी गई है।