विन न्यूज़ नेटवर्क। AIMIM के महाराष्ट्र अध्यक्ष और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट के अभिजीत दीपके के घर पहुंचने के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे आंदोलन के बाद किसी भी परिवार की पहली इच्छा होती है कि उनका बेटा कुछ समय अपने माता-पिता और परिवार के साथ बिताए।
उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके ने एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया और उसके बाद जब वह घर लौटे, उसी दिन मंत्री का वहां पहुंचना उचित नहीं था। उनके अनुसार परिवार को पहले अपने बेटे के साथ समय बिताने का अवसर मिलना चाहिए था।
‘परिवार को समय देना चाहिए था’
इम्तियाज जलील ने कहा कि अभिजीत दीपके एक युवा हैं और उन्होंने अपनी सोच और मुद्दों को लेकर आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आंदोलन के बाद की कार्रवाई और घटनाक्रम भी लगातार चर्चा में है।
जलील ने कहा कि इतने दिनों तक आंदोलन में सक्रिय रहने के बाद परिवार स्वाभाविक रूप से अपने बेटे के साथ समय बिताना चाहता होगा। ऐसे में उसी दिन किसी मंत्री का उनके घर पहुंच जाना उन्हें उचित नहीं लगा।
‘आंदोलन को अंतिम पड़ाव न मानें युवा’
AIMIM नेता ने अभिजीत दीपके के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान को बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि आंदोलन जिन मुद्दों को लेकर किया गया, वे युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं और इन्हें गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुके हैं और यह उनके शहर के लिए भी गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस आंदोलन को अंतिम प्रयास न मानें, बल्कि देश के अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर भी आगे आकर आवाज उठाएं।
मंत्री संजय शिरसाट ने क्या कहा था?
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने अभिजीत दीपके के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अभिजीत उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं और किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा और कुशलक्षेम की चिंता होती है।
शिरसाट ने अपनी मुलाकात को एक मानवीय पहल बताते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य परिवार का हालचाल जानना और उनका हौसला बढ़ाना था।
पिता ने बताया पारिवारिक रिश्ता
अभिजीत दीपके के पिता शंकर दीपके ने भी मंत्री की मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि संजय शिरसाट उनके लिए पहले रिश्तेदार हैं और उसके बाद मंत्री। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुलाकात पारिवारिक संबंधों के आधार पर हुई थी।
इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विभिन्न दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
अभिजीत दीपके के आंदोलन के बाद उनके घर मंत्री की मुलाकात और उस पर इम्तियाज जलील की टिप्पणी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर इसे सामान्य पारिवारिक मुलाकात बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष समय और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।