मंगलवार को रेडिंगटन कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयर 5.15 फीसदी लुढ़ककर 221 रुपये के इंट्राडे लो पर पहुंच गए। पिछले पांच कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट जारी है और इस दौरान शेयर 12 फीसदी से अधिक टूट चुके हैं।
गिरावट की मुख्य वजह कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई वह जानकारी है जिसमें बताया गया कि उसकी सहायक कंपनी रेडिंगटन गल्फ FZE खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के चलते सीमित तरीके से काम कर रही है। चल रहे युद्ध की वजह से इस इलाके में हालात इतने बिगड़े हैं कि बड़े बंदरगाह और हवाई क्षेत्र बंद हो गए हैं जिससे माल की ढुलाई के रास्ते बदलने पड़ रहे हैं और पारगमन में काफी अधिक समय लग रहा है।
कंपनी ने यह भी बताया कि इन्वेंटरी बढ़ने और ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी की मांग के कारण कार्यशील पूंजी की जरूरत बढ़ गई है।
फिलहाल कंपनी की प्राथमिकता पूंजी को सुरक्षित रखना है। इसके अलावा माल भाड़ा, बीमा और लॉजिस्टिक्स खर्च में भी भारी इजाफा हुआ है। बीमा कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों का युद्ध जोखिम कवर वापस ले लिया है और रेडिंगटन वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रही है।
कंपनी ने कहा है कि उसने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और बिजनेस कंटीन्यूटी प्लान लागू किए हैं। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि अभी इस स्थिति के वित्तीय नुकसान का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है क्योंकि यह इस संकट की अवधि और गंभीरता पर निर्भर करेगा।