सोमवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बढ़ते तनाव ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्रीय संघर्ष भड़क गया, जिससे डिफेंस कंपनियों के लिए मजबूत ऑर्डर बुक और निर्यात के अवसरों की उम्मीद जगी।
बाजार में सबसे ज्यादा छलांग लगाई पारस डिफेंस ने, जो 13.5% उछलकर 722 रुपये पर पहुंच गई। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) जैसे दिग्गज शेयरों में भी 3.5% तक की बढ़त दर्ज हुई। BSE पर इस रैली ने निवेशकों को आकर्षित किया, खासकर तब जब ग्लोबल अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं।
इस तेजी का एक बड़ा कारण भारत-इजरायल के रिश्तों में गहराई है। फरवरी के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के दौरान दोनों देशों ने डिफेंस सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का ऐलान किया। जॉइंट स्टेटमेंट में हथियार प्रणालियों के संयुक्त विकास-उत्पादन, UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट्स, स्पेस टेक्नोलॉजी और उभरती तकनीकों में साझेदारी पर जोर दिया गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम डिफेंस सेक्टर को लंबे समय तक फायदा पहुंचाएंगे।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्लोबल रिस्क अवर्शन के बीच डिफेंस स्टॉक्स को सेंटिमेंट सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने चेतावनी दी है कि HAL और BEL जैसे नामों को शॉर्ट टर्म में फायदा तो होगा, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
2026 में डिफेंस शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। HAL के शेयर 11% से ज्यादा लुढ़क चुके हैं, जबकि BDL में 15% की गिरावट आई यह पिछले साल की रैली के बाद ठंडक का नतीजा है। आगे की दिशा वैश्विक घटनाक्रमों और क्रूड ऑयल कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर तेल के दामों में अचानक उछाल आया तो चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
रैली के बावजूद कुल बाजार सतर्क मुद्रा में है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट संकट शॉर्ट टर्म वोलेटिलिटी लाएगा, लेकिन भारतीय शेयर बाजार को लॉन्ग टर्म नुकसान नहीं पहुंचाएगा बशर्ते ऑयल प्राइस ज्यादा न चढ़ें या स्थिति और बिगड़े। भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था इस तूफान से कुछ हद तक बचाव प्रदान करेगी, भले ही ग्लोबल मार्केट्स दबाव में हों।
निवेशकों के लिए सलाह क्या है? शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को डिफेंस पिक्स पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स को डाइवर्सिफिकेशन अपनाना होगा। रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है स्टॉप लॉस सेट करें और न्यूज ट्रैक करते रहें। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो सेक्टर में और उछाल संभव, लेकिन शांति की खबरें गिरावट ला सकती हैं। कुल मिलाकर, सतर्क निवेश ही सही रणनीति है।