आम आदमी पार्टी में कथित बगावत और सात विधायकों के पार्टी छोड़ने के बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गहलोत ने कहा कि बीजेपी लगातार नेताओं और पार्टियों में टूट-फूट कराने की कोशिश करती है और इसके पीछे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “सब एजेंसियां इनके काबू में हैं” और जनता सब कुछ देख रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी की रणनीति के तहत राजनीतिक दलों को कमजोर किया जा रहा है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ सांसदों और नेताओं के खिलाफ पहले मामलों में नाम जोड़ने जैसी बातें सामने आई थीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर “वॉशिंग मशीन पॉलिटिक्स” का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन पर पहले आरोप लगाए जाते हैं, बाद में वही लोग पार्टी में शामिल होने पर साफ हो जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह की राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं।
सचिन पायलट के साथ मतभेदों पर भी सफाई देते हुए गहलोत ने कहा कि बीजेपी बार-बार इस मुद्दे को उठाकर पार्टी में दरार डालने की कोशिश करती है, लेकिन कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिशें पहले भी हुई थीं, लेकिन पार्टी ने मजबूती से मुकाबला किया।
गहलोत ने आखिर में कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं और जनता को इन हालातों को समझना होगा, वरना इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।