झांसी सीजीएसटी रिश्वत कांड: CBI के रडार पर तीन और कर्मचारी, जल्द हो सकती है पूछता

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
झांसी सीजीएसटी कार्यालय में रिश्वतखोरी मामले की जांच के दौरान सीबीआई की कार्रवाई

सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) झांसी कार्यालय में सामने आए बड़े रिश्वतखोरी कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई का दायरा और बढ़ता जा रहा है। मामले की जांच के दौरान तीन और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्हें सीबीआइ ने अपने रडार पर ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों कर्मचारियों को जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।

CBI अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर यह नए नाम सामने आए हैं। एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

31 दिसंबर को हुई थी बड़ी गिरफ्तारी
सीबीआइ ने 31 दिसंबर को सीजीएसटी झांसी कार्यालय में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, कर अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय शर्मा सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।

छापेमारी में 70 लाख रुपये और ज्वेलरी बरामद
CBI की ओर से की गई तलाशी के दौरान करीब 70 लाख रुपये नकद, आभूषण और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के पहलू की भी जांच शुरू की है।

CBI अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत की रकम किन-किन माध्यमों से ली गई और उसका उपयोग कहां किया गया।

पूछताछ में सामने आए नए नाम
इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों कर अधीक्षकों से पूछताछ के दौरान तीन अन्य कर्मचारियों की भूमिका को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं बयानों के आधार पर सीबीआइ ने तीन और कर्मियों को जांच के दायरे में लिया है।

हालांकि, सीबीआइ की ओर से फिलहाल इन कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ और सबूतों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच का दायरा और बढ़ने के संकेत
सीबीआइ से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और अधिकारी या बाहरी लोग शामिल थे।

फिलहाल, सीजीएसटी झांसी कार्यालय से जुड़े इस रिश्वत कांड को लेकर जांच एजेंसी पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही है और सभी आरोपों की तथ्यों के आधार पर पड़ताल की जा रही है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *