दावणगेरे: कर्नाटक में होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने दावणगेरे दक्षिण में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया. 85 वर्षीय येदियुरप्पा ने न केवल सरकार की नीतियों की आलोचना की, बल्कि कार्यकर्ताओं से एक भावुक अपील भी की.
येदियुरप्पा की भावुक अपील “आखिरी सांस तक याद रखूंगा”
बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के बावजूद चुनाव प्रचार के मैदान में उतरे येदियुरप्पा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वह शारीरिक सीमाओं के कारण हर घर नहीं पहुँच सकते. उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया:
“आप में से हर कोई खुद को उम्मीदवार मानकर चुनाव लड़ें, अगर आप भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करते हैं, तो मैं आपकी इस मेहनत को अपनी आखिरी सांस तक याद रखूंगा.”
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया सरकार ‘दिनदहाड़े लूट’ में लगी है और चुनाव जीतने के लिए अनैतिक रूप से धन का इस्तेमाल कर रही है. येदियुरप्पा ने दावा किया कि विकास निधि को चुनाव प्रभावित करने के लिए अन्य राज्यों (तेलंगाना) की ओर मोड़ा जा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने भी सरकार की आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सिद्धारमैया प्रशासन पर जनता पर 60,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर बोझ डालने का आरोप लगाया.
महंगाई की मार: बोम्मई ने कहा कि शराब, दूध, बिजली, स्टाम्प ड्यूटी और मोटर वाहन कर में भारी वृद्धि से आम जनता त्रस्त है.
कर्ज का रिकॉर्ड: उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 5 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज लेकर राज्य को कर्ज के जाल में धकेल दिया है.
संस्थागत भ्रष्टाचार: बोम्मई ने आरोप लगाया कि सरकारी तबादले अब एक ‘उद्योग’ बन चुके हैं और बिना रिश्वत के कोई भी सरकारी काम, चाहे वह पंजीकरण हो या चावल वितरण, संभव नहीं है.
चुनाव का मुख्य एजेंडा
भाजपा ने इन उपचुनावों में भ्रष्टाचार, बढ़ती कीमतें और पिछली भाजपा सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं को बंद किए जाने को मुख्य मुद्दा बनाया है. येदियुरप्पा और बोम्मई दोनों ने विश्वास जताया कि कर्नाटक की जनता इस ‘कुशासन’ का जवाब बैलेट बॉक्स के जरिए देगी.