अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान ने आठ महिला प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली फांसी रोक दी है। ट्रंप ने इस फैसले को “अच्छी खबर” बताते हुए ईरान और उसके नेतृत्व का धन्यवाद किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वह पाकिस्तान के साथ संभावित बातचीत की तैयारी में हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिन आठ महिलाओं को फांसी दी जानी थी, उनमें से चार को रिहा किया जाएगा और चार को एक महीने की जेल की सजा दी जाएगी। उन्होंने लिखा कि उन्होंने इस मामले में अपील की थी और ईरान ने इसे स्वीकार किया, जिसके लिए वह आभारी हैं।
इससे पहले ट्रंप ने वायरल हो रही आठ ईरानी महिलाओं की तस्वीरें साझा करते हुए अपील की थी कि उन्हें रिहा किया जाए। उन्होंने कहा था कि यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता की सकारात्मक शुरुआत हो सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन महिलाओं में बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इन महिलाओं पर ईरान में जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई थी।
हालांकि इन आरोपों और ट्रंप के दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी स्वतंत्र रूप से नहीं हो पाई है, लेकिन उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।