विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्कूल संचालक अतुल कुमार की कथित तौर पर सांप से डसवाकर हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस पहले ही इस मामले में अतुल की पत्नी दामिनी और उसके कथित प्रेमी तुषार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला की मानसिक स्थिति और दोनों परिवारों की प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, जेल में पहली रात दामिनी अपने छह वर्षीय बेटे को याद कर काफी भावुक नजर आई। वहीं दूसरी ओर मृतक अतुल के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है, जबकि दामिनी के मायके वालों ने उससे किसी भी तरह का संबंध रखने से इनकार कर दिया है।
जेल में बेटे को याद कर भावुक हुई आरोपी
सूत्रों के मुताबिक, जेल में पूछताछ और औपचारिकताओं के बाद दामिनी पूरी रात बेचैन रही। बताया जा रहा है कि वह बार-बार अपने छह साल के बेटे का जिक्र करती रही और पुलिसकर्मियों से उससे एक बार मिलने की इच्छा जताती रही।

हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पूछताछ में कई सवालों पर नहीं दिया जवाब
पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान दामिनी से हत्या की कथित साजिश, उसकी योजना और घटनाक्रम से जुड़े कई सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार, कुछ सवालों पर उसने चुप्पी साध ली और स्पष्ट जवाब देने से बचती रही।
पूछताछ के दौरान अधिकारियों की नजर उसके हाथ पर बने टैटू पर भी गई, जिस पर उसके पति के नाम का उल्लेख लिखा हुआ था। इस पर उसने बताया कि यह टैटू उसने वर्षों पहले अपने पति के प्रति प्रेम के प्रतीक के रूप में बनवाया था।
प्रेमी का घर बंद, पड़ोसी भी हैरान
घटना के बाद आरोपी तुषार के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद से उसका परिवार घर पर दिखाई नहीं दिया।
पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि जिस युवक को वे सामान्य व्यवहार वाला मानते थे, उसका नाम इतने गंभीर मामले में सामने आया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
दामिनी के परिवार ने बनाई दूरी
दामिनी के मायके पहुंचने पर उसके परिजनों ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की। परिवार की ओर से इतना जरूर कहा गया कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
परिजनों का कहना था कि शादी के बाद से दामिनी का उनके घर से संपर्क बहुत कम था और अब वे इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। परिवार ने साफ कहा कि कानून अपना काम करेगा और वे जांच में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
स्कूल में पसरा सन्नाटा
अतुल और दामिनी द्वारा संचालित स्कूल फिलहाल बंद है। घटना के बाद से वहां ताला लगा हुआ है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
आसपास के लोगों का कहना है कि यहां रोज बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने आते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तुषार स्कूल वैन चलाता था और अक्सर स्कूल परिसर में दिखाई देता था। हालांकि, उसके और दामिनी के निजी संबंधों को लेकर किसी ने पहले कोई संदेह व्यक्त नहीं किया था।
अतुल के परिवार ने जताया कानून पर भरोसा
मृतक अतुल के परिजनों का कहना है कि उन्हें पुलिस जांच पर पूरा विश्वास है। परिवार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अतुल के बड़े भाई ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें सुबह फोन पर जानकारी मिली थी कि अतुल की तबीयत खराब है। मौके पर पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले की सच्चाई अदालत और जांच एजेंसियों के माध्यम से सामने आएगी।
बेटे की परवरिश को लेकर परिवार का फैसला
परिवार ने यह भी बताया कि अतुल का छह वर्षीय बेटा फिलहाल अपने दादा-दादी के साथ है। उनका कहना है कि बच्चे की देखभाल परिवार करेगा और उसे हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
परिजनों ने कहा कि इस कठिन समय में बच्चे की सुरक्षा और भविष्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
जांच अभी जारी
मेरठ पुलिस इस चर्चित मामले में लगातार जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक मिले साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।