CM Yogi और CJI ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स एवं मल्टीलेवल पार्किंग बिल्डिंग का किया उद्घाटन

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुत अच्छा उदाहरण दिया है, जिसे हम रोल मॉडल बोल सकते हैं।

Vin News Network
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CM Yogi और CJI ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स एवं मल्टीलेवल पार्किंग बिल्डिंग का किया उद्घाटन

प्रयागराज : प्रयागराज में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स एवं मल्टीलेवल पार्किंग बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ। सीएम योगी ने कहा, यह बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर इस बात के लिए आश्वस्त करता है कि न्याय की गति को तीव्रता मिलने के साथ ही प्रगति को भी एक नया आयाम प्राप्त होगा। यह आयोजन अधिवक्ताओं हेतु समुचित सुविधाएं सुनिश्चित करने एवं न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जो प्रपोजल हम लोगों ने दिया था, उनमें से 7 जनपदों को यहां से अप्रूवल मिल चुका है और हम उसके लिए ₹1,700 करोड़ जारी कर चुके हैं। एक्सटेंशन के लिए जो भी राशि लगेगी उसके लिए हम बहुत शीघ्र धनराशि उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। महाकुंभ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी भूमिका रही। अगर कोर्ट कुंभ के पहले अगर किसी काम में स्टे कर देता तो यह सफलतापूर्वक संपन्न न हो पाता। याद कीजिए इसी इलाहाबाद हाईकोर्ट में 2017 में PM मोदी का आगमन हुआ था। उन्होंने कहा था- सुशासन की पहली शर्त है- रूल ऑफ लॉ। यानी कानून का शासन। इसमें बार और बेंच के साथ-साथ वादकारी का भी महत्व है।

सीएम योगी ने कहा, प्रयागराज धर्म, ज्ञान और न्याय की भूमि के रूप में देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित करता है। महाकुंभ में कौन सा व्यक्ति होगा, जिसने त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपनी विरासत के साथ जोड़ने में गौरव की अनुभूति न की हो। 6 साल पहले गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मल्टीलेवल पार्किंग बनाई थी। मगर, यह नहीं चली नहीं। मैंने कहा- चलेगी भी नहीं। सबसे पहले ऊपर के दो फ्लोर कॉमर्शियल कर दीजिए। इसके बाद मैं आपसे बात करूंगा। अब वहां कॉम्पलेक्स फुल है। यहां पर मल्टीलेवल पार्किंग के साथ-साथ वकीलों को चेंबर दिए गए हैं। वकीलों के ये एसी चेंबर आप लोगों को भी ठंडा करेंगे।

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, यह अत्याधुनिक अधोसंरचना इस दिशा में मजबूत संकेत देती है कि न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और विकास को एक नई दिशा व मजबूती प्राप्त होगी। ये इज ऑफ लिविंग की व्यवस्था हैं। पार्किंग को लेकर होने वाले विवाद अब कम हो जाएगा। सबसे जल्दी काम करना सीखना हो तो सीएम योगी से सीख सकते हैं। महाकुंभ में शानदार कोआर्डिनेशन के लिए सीएम योगी की प्रशंसा करता हूं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुत अच्छा उदाहरण दिया है, जिसे हम रोल मॉडल बोल सकते हैं। मेरे नॉलेज में इतनी बड़ी इमारत वकीलों के लिए पूरे वर्ल्ड में भी नहीं होगी। यहां वादकारियों का भी ख्याल रखा गया। बगल के भूखंड में वादकारियों के लिए कुछ प्लानिंग है, जहां बच्चे लेकर आने वाली महिलाओं के लिए क्रैच भी बनेगा। यानी वर्किंग महिला के बच्चों के लिए देखरेख की व्यवस्था की जाएगी। इस देश के आखिरी नागरिक तक पहुंचना हमारा मौलिक कर्तव्य है। जब तक बार और बेंच साथ में काम नहीं करते, तब तक हम न्याय के रथ को आगे नहीं बढ़ा सकते। अभी-अभी मंत्री मेघवाल जी ने बताया कि योगी जी इस देश के सबसे पावरफुल और कर्मठ मुख्यमंत्री हैं। इलाहाबाद की भूमि पावरफुल लोगों की है। योगी जी तो पावरफुल हैं ही। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा- इलाहाबाद बार एसोसिएशन बहुत अच्छा है। सुप्रीम कोर्ट भी नहीं समझ पाता है कि यहां काम कैसे होता है। इस बिल्डिंग का पूरा सदुपयोग कीजिएगा।

ये है खासियत
-हाईकोर्ट में मल्टी पार्किंग 5 मंजिला है। इसमें 2300 फोर व्हीलर और 1500 टू व्हीलर खड़े हो सकेंगे।
-दिव्यांगों के लिए बेसमेंट में कार पार्किंग बनाई गई है।
-ग्राउंड फ्लोर पर दिव्यांगों के लिए टू-व्हीलर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई।
-वकीलों के लिए 2300 एसी चैंबर बनाए गए हैं। कैंटीन, लाइब्रेरी की भी सुविधा है।
-कॉमन हॉल, रैंप एरिया, सेवा खंड, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
-26 स्वचलित सीढ़ियां लगाई गई हैं। 24 लिफ्ट भी हैं।
-ग्राउंड फ्लोर पर बैंक और एटीएम की व्यवस्था रहेगी।

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