क्या है जीरो ग्रैविटी स्लीप पोजिशन, कैसे फायदेमंद ?

जीरो ग्रेविटी स्लीप पोजीशन की शुरुआत नासा ने अपने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए की थी। अंतरिक्ष में शरीर एक खास मुद्रा में खुद को ढाल लेता है, जिसे न्यूट्रल बॉडी पॉश्चर कहा जाता है।

Vin News Network
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क्या है जीरो ग्रैविटी स्लीप पोजिशन, कैसे फायदेमंद ?

नई दिल्ली। नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लोग कई तरीके आजमा रहे हैं। इन्हीं में से एक है जीरो ग्रैविटी स्लीप पोजिशन। आइए जानते हैं यह स्लीप पोजीशन क्या है, इसकी शुरुआत कैसे हुई और यह किस तरह फायदेमंद है।

कहां से हुई इस स्लीप पोजिशन की शुरुआत ?
जीरो ग्रेविटी स्लीप पोजीशन की शुरुआत नासा ने अपने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए की थी। अंतरिक्ष में शरीर एक खास मुद्रा में खुद को ढाल लेता है, जिसे न्यूट्रल बॉडी पॉश्चर कहा जाता है। यह पोजिशन खास तरह के बेड की मदद से हासिल की जाती है। इसमें सिर और पैर ऊपर उठे होते हैं और घुटने थोड़े मुड़े होते हैं।

जीरो ग्रैविटी स्लीप पोजिशन से किन्हें लाभ ?
मेरी स्पाइन सेंटर की स्पेशलिस्ट डॉ. मारा वुचिच के मुताबिक, यह पोजिशन पीठ दर्द पीड़ितों को राहत दिला सकती है। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में मदद करती है। इस दौरान घुटने व हाथ थोड़े मुड़े होते हैं। यही पोजिशन अब नींद के लिए भी अपनाई जा रही है।

ब्लड फ्लो और हार्ट के लिए यह कैसे बेहतर ?
जीरो ग्रैविटी स्लीप पोजिशन में शरीर का वजन गद्दे पर बराबर बंटता है। इससे रीढ़ पर दबाव कम होता है। खासकर सोने के दौरान जब पैर ऊपर होते हैं तो ब्लड वापस दिल की ओर बहता है। इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है। यह पोजिशन खासतौर पर पैरों की सूजन कम करने में भी मददगार है।

इसे अपनाने से पहले किन्हें रखना होगा ध्यान ?
स्टैमफोर्ड हेल्थ की ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट केरी बैड कहती हैं कि सिर ऊंचा होने से सांस की नली खुली रहती है, जिससे खर्राटे कम हो सकते हैं। हालांकि बार बार करवट लेने वालों के लिए यह पोजिशन सही नहीं है। पुरानी बीमारी से परेशान लोगों इसे अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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