लखनऊ : यूपी में स्वरोजगार के लिए चलाई जा रही योजनाएं काफी सफल साबित हो रही हैं। नौकरी की तलाश क्यों करना जब आपके पास बिजनेसमैन बनने का सुनहरा मौका है। उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार की कई योजनाएं हैं। इनमें से एक है मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना। इस योजना के तहत सरकार की ओर से आप 25 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं। आपको 5 से 10 फीसदी पैसा ही खुद जुटाना है। बाकी सरकार की ओर से आपको लोन मिल जाएगा। खास बात, इस योजना के तहत सरकार सब्सिडी भी देती है।
मान लीजिए अगर आपने 25 लाख का लोन लिया तो उसमें से 6.5 लाख रुपये तक माफ हो जाएंगे। है ना कमाल की स्कीम! यही नहीं यूपी सरकार जल्द ही इसमें कुछ बदलाव करने की योजना भी बना रही है। युवा उद्यमी योजना की तर्ज पर इस योजना में भी ब्याज मुक्त लोन मिल सकेगा। यही नहीं प्रोजेक्ट की राशि को भी चार गुना यानी 1 करोड़ रुपये तक करने की योजना बनाई जा रही है। फिर देर किस बात की? जल्द से जल्द इस योजना के लिए आवेदन कर डालिए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना क्या है?
यूपी में बेरोजगारी को दूर करने और नौकरी पर निर्भरता को कम करने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी ऐसी ही एक योजना है। युवाओं को खुद का बिजनेस शुरू करने को प्रोत्साहित करने के लिए स्वरोजगार योजना प्रभावशाली विकल्प बन कर उभरी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ शुरू की थी।
इस योजना के तहत 18 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं को 25 लाख तक का लोन देकर खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इस तरह न सिर्फ उन युवाओं को रोजगार मिल रहा है बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर भी ज्यादा बन रहे हैं। लोन के साथ-साथ युवाओं को सब्सिडी और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाता है ताकि वह सफल उद्यमी बन पाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दे सकें।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य
बेरोजगार शिक्षित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना।
लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देना।
प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना।
महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और दिव्यांगों को प्राथमिकता देना।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत कितना लोन मिलता है?
25 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं उद्योग सेक्टर में।
10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट के लिए लोन मिलता है सर्विस सेक्टर में।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की विशेषताएं
25 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए 95% तक लोन मिलता है।
अभी इस लोन पर बहुत ही मामूली ब्याज लिया जाता है।
लेकिन जल्द ही सरकार इसे ब्याज मुक्त करने जा रही है।
प्रोजेक्ट की कुल लागत की 25% सब्सिडी यूपी सरकार की ओर से मिलेगी।
उद्योग सेक्टर में 6.25 लाख तक की मार्जिन मनी सरकार देगी।
सर्विस सेक्टर में 2.50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी सरकार से मिलती है।
2 साल तक अगर बिजनेस को अच्छे से चलाते हैं तो मार्जिन मनी माफ हो जाती है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की पात्रता
आवेदक की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
आवेदक कम से कम 10वीं पास होना चाहिए।
यह योजना सिर्फ उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के लिए है।
आवेदक को पहले से किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ न मिल रहा हो।
लोन के लिए अप्लाई करने वाले ने कभी भी बैंक डिफॉल्ट नहीं किया हो।
योजना के तहत सिर्फ एक बार ही लोन मिल सकता है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
यूपी का स्थायी आवास प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो तो)
शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (कम से कम 10वीं पास)
बैंक पासबुक की कॉपी
पासपोर्ट साइज फोटो
आय प्रमाण पत्र
राशन कार्ड की प्रति
स्व घोषणा पत्र