महाराष्ट्र के बारामती हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा जारी किया। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय के अनुसार, दुर्घटना से पहले विमान के चालक दल ने एयरफील्ड पर घने कोहरे के कारण रनवे दिखाई न देने की जानकारी दी थी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि बारामती एक अनियंत्रित (अनकंट्रोल्ड) एयरफील्ड है। यहां पूर्ण रूप से सुसज्जित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) यूनिट नहीं है, बल्कि उड़ान प्रशिक्षण संगठनों से जुड़े प्रशिक्षक या पायलट ट्रैफिक संबंधी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। यह घटनाक्रम एयरफील्ड पर मौजूद एटीसी सुविधा संभाल रहे व्यक्ति के बयान के आधार पर तैयार किया गया है।
विमान की पहली संपर्क और अप्रोच
मंत्रालय के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान, जिसकी पहचान VI-SSK के रूप में की गई है, ने 28 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजकर 18 मिनट (0818 IST) पर पहली बार बारामती से रेडियो संपर्क स्थापित किया। इसके बाद विमान ने बारामती से 30 नॉटिकल मील की दूरी पर होने की सूचना दी, जब उसे पुणे अप्रोच से रिलीज किया गया था।
इस चरण पर विमान के चालक दल को पायलट की विवेकाधीन निर्णय के अनुसार विजुअल मेटियोरोलॉजिकल कंडीशंस (VMC) के तहत नीचे उतरने की सलाह दी गई। इसके कुछ समय बाद चालक दल ने रनवे पर हवा की दिशा और दृश्यता के बारे में जानकारी मांगी। उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है।
पहला प्रयास और गो-अराउंड
इसके बाद विमान ने रनवे 11 के लिए फाइनल अप्रोच की सूचना दी, लेकिन साथ ही यह भी बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद चालक दल ने पहला गो-अराउंड शुरू किया। गो-अराउंड के बाद विमान से उसकी स्थिति बताने को कहा गया।
चालक दल ने जवाब दिया कि वे फिर से रनवे 11 के लिए फाइनल अप्रोच पर हैं। उन्हें निर्देश दिया गया कि रनवे दिखने पर इसकी सूचना दें। इस पर पायलटों ने कहा, “रनवे फिलहाल नजर नहीं आ रहा है, दिखने पर कॉल करेंगे।”
लैंडिंग क्लीयरेंस और हादसा
कुछ सेकंड बाद चालक दल ने रनवे के दृश्य संपर्क में होने की सूचना दी। इसके बाद सुबह 8 बजकर 43 मिनट (0843 IST) पर विमान को रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति दी गई। हालांकि मंत्रालय ने यह भी बताया कि चालक दल ने लैंडिंग क्लीयरेंस की कोई रेडबैक पुष्टि नहीं दी।
इसके ठीक एक मिनट बाद, 0844 IST पर, एयरफील्ड पर मौजूद कर्मियों ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं। तुरंत आपातकालीन सेवाओं को दुर्घटनास्थल की ओर भेजा गया। बाद में विमान का मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के समानांतर बाईं ओर पाया गया।
केंद्रीय मंत्री का बयान
घटना के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि विमान चालक दल को दूसरे प्रयास में रनवे दिखाई दिया था। उन्होंने कहा, “हम इस घटना की जांच पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से करेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8.48 बजे लैंडिंग के समय स्थल पर दृश्यता कमजोर थी।”
उन्होंने आगे कहा, “लैंडिंग से पहले एटीसी ने पायलट से पूछा था कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, और उन्होंने बताया कि नहीं। गो-अराउंड के बाद जब विमान दोबारा लैंडिंग के लिए लौटा, तो पायलट से फिर पूछा गया कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है।”
मंत्रालय ने कहा है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की जानकारी आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी।