पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराने वाले अभिनंदन वर्तमान ने छोड़ी वायुसेना, अब उड़ाएंगे यात्री विमान

Vin News Network
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करीब दो दशक की सैन्य सेवा के बाद अभिनंदन वर्तमान ने छोड़ी वायुसेना

विन न्यूज़ नेटवर्क। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष में चर्चा में आए पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से विदाई ले ली है। लगभग 20 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद अब वह कॉमर्शियल एविएशन में अपना करियर आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को वायुसेना से रिटायरमेंट लिया और अगस्त में गोवा स्थित निजी एयरलाइन फ्लाई-91 से जुड़ गए।

वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले अभिनंदन अब यात्री विमान उड़ाते नजर आएंगे। बताया जा रहा है कि वह एयरलाइन के बेड़े में शामिल ATR 72-600 विमान का संचालन करेंगे। सैन्य क्षेत्र से नागरिक उड्डयन में उनका यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2019 में पाकिस्तानी F-16 को मार गिराने के बाद बने थे राष्ट्रीय नायक

अभिनंदन वर्तमान का नाम 27 फरवरी 2019 की उस घटना के बाद पूरे देश में चर्चित हुआ था, जब भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुठभेड़ हुई थी। इससे एक दिन पहले भारतीय वायुसेना ने पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।

अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा की ओर बढ़ने की कोशिश की। उस समय अभिनंदन श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन के साथ तैनात थे। उन्हें पाकिस्तानी विमानों को रोकने के लिए ऑपरेशन में भेजा गया।

हवाई संघर्ष के दौरान अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी F-16 को निशाना बनाकर मार गिराया। हालांकि इसी कार्रवाई के दौरान उनका MiG-21 भी मिसाइल की चपेट में आ गया। विमान को गंभीर नुकसान पहुंचने के बाद उन्होंने सुरक्षित तरीके से इजेक्ट किया।

पैराशूट से PoK में उतरे, पाकिस्तानी सेना ने बनाया था बंदी

विमान से इजेक्ट करने के बाद अभिनंदन पैराशूट के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के इलाके में जा गिरे। वहां पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

उनकी गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया। करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन की भारत वापसी हुई। अटारी-वाघा सीमा के जरिए उनकी स्वदेश वापसी हुई थी।

उनकी वापसी के दौरान देशभर में उनके समर्थन में माहौल बना रहा। उनकी बहादुरी और अदम्य साहस के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया।

20 साल की सैन्य सेवा के बाद नई जिम्मेदारी

अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना में करीब दो दशक तक सेवाएं दीं। फाइटर पायलट के तौर पर उनका लंबा अनुभव अब नागरिक उड्डयन में भी उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

सामान्य परिस्थितियों में उनकी वायुसेना सेवा 2037 तक जारी रह सकती थी, जब उनकी उम्र करीब 54 वर्ष होती। हालांकि उन्होंने निर्धारित समय से पहले सैन्य सेवा से अलग होने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने कमर्शियल पायलट के तौर पर नई शुरुआत की है।

वायुसेना की पेंशन के साथ प्राइवेट सेक्टर की कमाई

अभिनंदन के लिए नागरिक उड्डयन में जाने का एक बड़ा आर्थिक लाभ यह भी है कि सैन्य सेवा के बाद मिलने वाली पेंशन के साथ वह निजी क्षेत्र की नौकरी से आय हासिल कर सकते हैं।

उपलब्ध वेतनमान के आधार पर ग्रुप कैप्टन स्तर के अधिकारी का मूल वेतन करीब 1.40 लाख से 2.18 लाख रुपये के बीच हो सकता है। सैन्य सेवा और अंतिम वेतन के आधार पर उनकी पेंशन निर्धारित होगी। अनुमान के मुताबिक यह राशि करीब 88 हजार से 98 हजार रुपये मासिक के आसपास हो सकती है। इसके अलावा लागू नियमों के अनुसार महंगाई राहत भी मिल सकती है।

हालांकि अभिनंदन की वास्तविक पेंशन की राशि उनके अंतिम वेतन और आधिकारिक सेवा रिकॉर्ड पर निर्भर करेगी।

एयरलाइन पायलट के तौर पर लाखों में हो सकती है कमाई

निजी एयरलाइन में अनुभवी पायलटों की कमाई सैन्य पेंशन के मुकाबले काफी अधिक हो सकती है। एविएशन सेक्टर में पायलटों की सैलरी अनुभव, विमान के प्रकार, पद और उड़ान के घंटों के अनुसार अलग-अलग होती है।

उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक निजी एयरलाइन में पायलटों को शुरुआती तौर पर कई लाख रुपये प्रतिमाह का पैकेज मिल सकता है। अनुभवी और सीनियर कैप्टन के स्तर पर यह आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।

इसके अतिरिक्त पायलटों को उड़ान के घंटों के आधार पर फ्लाइंग अलाउंस, लेओवर से जुड़े भुगतान और कंपनी की नीतियों के अनुसार अन्य लाभ भी मिल सकते हैं। अभिनंदन के पास सैन्य विमान उड़ाने का लंबा अनुभव होने के कारण उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइल काफी मजबूत मानी जाती है।

ATR 72-600 से शुरू होगी नागरिक उड्डयन की पारी

फ्लाई-91 से जुड़ने के बाद अभिनंदन वर्तमान ATR 72-600 जैसे टर्बोप्रॉप यात्री विमान उड़ाएंगे। यह विमान आमतौर पर क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसमें छोटी तथा मध्यम दूरी की उड़ानों का संचालन किया जाता है।

फाइटर जेट से यात्री विमान तक का यह बदलाव तकनीकी और पेशेवर रूप से भी एक नई चुनौती है। सैन्य विमानन में तेज गति वाले लड़ाकू अभियानों के बाद अब अभिनंदन की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना होगी।

पुलवामा से बालाकोट तक बदली थी देश की सुरक्षा तस्वीर

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयर ऑपरेशन किया।

इसके अगले दिन पाकिस्तान की ओर से भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश के बीच दोनों देशों के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई संघर्ष हुआ। इसी ऑपरेशन में अभिनंदन वर्तमान की भूमिका सामने आई और उनके साहस ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।

अब करीब सात साल बाद अभिनंदन ने सैन्य वर्दी से आगे बढ़ते हुए नागरिक विमानन में कदम रखा है।

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