विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। घाघरा नदी में एक मगरमच्छ ने 12 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया और उसे गहरे पानी में खींच ले गया। ग्रामीणों और परिजनों ने बच्चे को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। करीब पांच घंटे की तलाश के बाद बच्चे का शव नदी में उतराता हुआ मिला।
यह घटना बौंडी थाना क्षेत्र में हुई, जो जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित है। पुलिस और वन विभाग ने मामले की पुष्टि की है।
धान की रोपाई के बाद नदी गया था बच्चा
गांव वालों के मुताबिक, सुनील नाम का बच्चा अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। कई घंटे तक काम करने के बाद दोनों शाम के समय खेत से लौट रहे थे। रास्ते में वे घाघरा नदी के किनारे हाथ-पैर धोने के लिए रुके।
इसी दौरान अचानक नदी से एक मगरमच्छ निकला और सुनील पर हमला कर दिया। देखते ही देखते उसने बच्चे को अपने जबड़ों में जकड़ लिया।
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की
हमले के बाद बच्चे के चाचा ने शोर मचाया और आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर फेंके और डंडों से मगरमच्छ को भगाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ ने बच्चे को कई बार पानी में उछाला और फिर गहरे हिस्से की ओर खींच ले गया।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए। परिजन भी मौके पर पहुंच गए और बच्चे को बचाने की गुहार लगाते रहे।
टॉर्च की रोशनी में चलती रही तलाश
ग्रामीणों ने बांस के लंबे डंडों की मदद से नदी में खोजबीन शुरू की। उस समय घाघरा नदी का बहाव तेज था, इसलिए घटनास्थल से काफी दूर तक तलाशी ली गई। अंधेरा होने के बाद भी लोगों ने खोज बंद नहीं की और टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश जारी रखी।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 10 बजे घटनास्थल से कुछ सौ मीटर दूर नदी में बच्चे का शव मिला। शव को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी गई।
शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मगरमच्छ के हमले से बच्चे के शरीर का निचला हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो की भी पुष्टि की गई है।
माता-पिता का पहले ही हो चुका था निधन
ग्रामीणों ने बताया कि सुनील के माता-पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। वह कक्षा छह का छात्र था और अपने भाई-बहनों के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के संरक्षण में रह रहा था। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता
एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है। शासन की ओर से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
वन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अकेले नदी में न उतरने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घाघरा नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।