अयोध्या। देश की आस्था और करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ा राम जन्मभूमि मंदिर अब और अधिक सशक्त सुरक्षा घेरे में रहेगा। राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की सुरक्षा अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर की जाएगी, जो पहले से ही यूपी के अन्य संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर लागू हो चुका है।
बैठक में शामिल हुए देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी
अयोध्या में स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक गुरुवार दोपहर को आयोजित हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और आगामी रणनीतियों पर विचार विमर्श हुआ। बैठक में शामिल हुए प्रमुख अधिकारी:
एडीजी सुरक्षा
- एडीजी लखनऊ जोन
- एडीजी एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स)
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एडिशनल डायरेक्टर
- पीएसी, सीआरपीएफ और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी
इसके अलावा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से:
- महासचिव चंपत राय
- स्थायी समिति के सदस्य अनिल मिश्र
- विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव भी बैठक में मौजूद रहे।
ग्राउंड सर्वे के साथ शुरू हुआ बैठक का सिलसिला
बैठक से पहले राम जन्मभूमि परिसर और आसपास के इलाकों का ग्राउंड सर्वे किया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुई बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। इस दौरान: पहले दिए गए सुरक्षा सुझावों की समीक्षा की गई नई तकनीकों और रणनीतियों पर चर्चा हुई भविष्य में संभावित खतरों और उनके समाधान पर भी विचार किया गया थ्री-लेयर सिक्योरिटी और ड्रोन सर्विलांस होगा और कड़ा
बैठक में खास ध्यान निम्न बिंदुओं पर केंद्रित रहा:
- थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम को और आधुनिक बनाना
- ड्रोन सर्विलांस सिस्टम की निगरानी बढ़ाना
- सरयू नदी के आसपास की निगरानी को हाई अलर्ट मोड पर रखना
- इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर त्वरित कार्रवाई की रणनीति
- भीड़ नियंत्रण और VIP मूवमेंट के लिए अलग व्यवस्थाएं
अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि राम मंदिर परिसर और अयोध्या की सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता में शामिल है।
चंपत राय का बयान: मंदिर की सुरक्षा सर्वोपरि
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा: “समिति समय-समय पर अयोध्या पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करती है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी चूक न हो। राम मंदिर परिसर की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है और हर स्तर पर नवीन तकनीक और आधुनिक संसाधनों को लागू किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक विशेष सुरक्षा तंत्र है, जिसे यूपी सरकार द्वारा संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इसके तहत:
- अत्याधुनिक सर्विलांस कैमरे,
- चेहरे पहचान प्रणाली (Face Recognition),
- बॉम्ब डिटेक्शन यूनिट,
- स्पेशल कमांडो फोर्स,
- और साइबर इंटेलिजेंस यूनिट को एक साथ जोड़ा जाता है।
- अब यही ढांचा राम मंदिर परिसर पर भी लागू किया जाएगा।
अयोध्या – धार्मिक और सामरिक दृष्टिकोण से संवेदनशील
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार: यहां संभावित खतरे धार्मिक असंतुलन से भी हो सकते हैं आईबी और अन्य एजेंसियां लगातार इनपुट भेज रही हैं मंदिर क्षेत्र में हर कोने पर सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की जा रही है डिजिटल वॉच टावर भी लगाने की योजना है