भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन कर हंगामा मचाया। विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील और केंद्र सरकार की विदेश नीति था। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ कर रही है।
प्रदर्शन का स्वरूप
यूथ कांग्रेस ने एआई सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि, “जब विदेश नीति में झुकाव और कॉरपोरेट दबाव हावी हो जाता है, तो पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी को बेनकाब करने हमारे युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे।”
चार प्रमुख प्रदर्शनकारियों की पहचान हुई:
- कृष्णा हरि, राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
- कुंदन यादव, बिहार राज्य सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
- अजय कुमार, उत्तर प्रदेश राज्य उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस
- नरसिम्हा यादव, राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस
ये सभी QR कोड के माध्यम से सम्मेलन में प्रवेश कर हंगामा करने पहुंचे और टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया।
बीजेपी का कड़ा रुख
बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वैश्विक मंच पर भारत की गरिमा को धूमिल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में अर्धनग्न प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला है।”
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दुनिया के सामने देश का अपमान किया। ये अर्बन नक्सल की तरह व्यवहार है। राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने साबित कर दिया कि वे देश विरोधी कृत्यों में शामिल हैं। ये कृत्य न केवल लोकतांत्रिक विरोध से परे है, बल्कि देश की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुँचाता है।”
राजनीतिक संदेश
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे देश विरोधी हरकत करार दिया, जबकि कांग्रेस ने इसे केंद्र की नीतियों और व्यापार समझौतों के विरोध में लोकतांत्रिक प्रदर्शन बताया। घटना से साफ है कि आगामी चुनावों से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है।