विन न्यूज़ नेटवर्क। मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच हरियाणा के पानीपत के रहने वाले अनिल पंडित का नाम सामने आया है। आरोप है कि वह अमेरिका में रहकर भारत में सक्रिय शूटरों के जरिए फायरिंग और रंगदारी से जुड़ी वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है।
पानीपत, दिल्ली, सोनीपत, भिवाड़ी और पुणे में हुई कुछ घटनाओं में भी उसका नाम जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका और कथित गैंग से उसके संबंधों की पुष्टि आधिकारिक जांच और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।
कौन है अनिल पंडित?
अनिल पंडित की उम्र करीब 32 साल बताई जा रही है। वह हरियाणा के पानीपत जिले के रैर कलां गांव का निवासी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह 2023 में निजी पासपोर्ट पर कनाडा गया था। इसके बाद उसका संपर्क कथित तौर पर अमेरिका में मौजूद गैंगस्टर रणदीप मलिक से हुआ। आरोप है कि बाद में वह कैलिफोर्निया पहुंचा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क से जुड़ गया।
जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना अहम है कि विदेश में मौजूद कथित हैंडलर भारत में सक्रिय अपराधियों से किस तरह संपर्क करते हैं और वारदातों को अंजाम देने के लिए निर्देश कैसे दिए जाते हैं।
पानीपत में रंगदारी और फायरिंग के आरोप
अनिल पंडित का नाम हरियाणा के पानीपत में रंगदारी से जुड़े मामलों में भी सामने आने का दावा है। आरोप है कि पिछले छह महीनों के दौरान रंगदारी मांगने के लिए दो से तीन स्थानों पर फायरिंग की गई। इन घटनाओं में उसके कथित शूटरों की भूमिका बताई गई है।
हरियाणा पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। जांच का प्रमुख पहलू यह है कि इन वारदातों के पीछे स्थानीय अपराधियों का हाथ था या विदेश में बैठे लोगों के निर्देश पर घटनाओं को अंजाम दिया गया।
दिल्ली में गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर फायरिंग
दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गायक गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर हुई फायरिंग में भी अनिल पंडित का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि वारदात को उसके निर्देश पर अंजाम दिया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने कथित तौर पर उससे जुड़े चार शूटरों को गिरफ्तार किया था।
जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, आरोपी सिग्नल ऐप के जरिए संपर्क में थे। एजेंसियां कथित संचार व्यवस्था, हथियारों की आपूर्ति और वारदात की योजना से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
पुणे, भिवाड़ी और सोनीपत में भी नाम
दिल्ली की घटना के करीब 15 दिन बाद पुणे के एक ज्वेलरी शोरूम पर हुई फायरिंग में भी अनिल पंडित का नाम जोड़े जाने का दावा है। इस मामले में शुभम लोनकर के कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की जानकारी है।
इसके अलावा भिवाड़ी में गायक दिलेर खरकिया की कार पर फायरिंग और सोनीपत में धमकी देने के लिए गोली चलाने की घटना को भी उसके कथित नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। सोनीपत मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और हरियाणा एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान कथित शूटर रोहित दहिया के साथ मुठभेड़ होने की जानकारी सामने आई थी।
विदेश से नेटवर्क चलाने के आरोपों की जांच
अनिल पंडित के अलावा रणदीप मलिक, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू, टायसन बिश्नोई और शुभम लोनकर जैसे नामों का भी कथित नेटवर्क के संदर्भ में जिक्र किया जा रहा है। हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और अलग-अलग घटनाओं के बीच संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
इन मामलों से जुड़े आरोप विदेश में बैठे कथित हैंडलरों और भारत में सक्रिय शूटरों के बीच संपर्क की आशंका की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसियों के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि वारदातों के निर्देश किसने दिए, हथियार कहां से आए और अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं के बीच वास्तविक संबंध क्या है।
फिलहाल, अनिल पंडित की कथित भूमिका को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की आधिकारिक जानकारी और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों को देखना जरूरी होगा।