विन न्यूज़ नेटवर्क। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो यात्रियों से करीब 1.56 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त की है। दोनों यात्री एयरएशिया की फ्लाइट से मलेशिया के कुआलालंपुर जाने की तैयारी में थे।
अधिकारियों को मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान विदेशी मुद्रा ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच काले प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखी गई थी। मामले में दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुरुष यात्री के बैग से मिले अमेरिकी डॉलर और रिंगित
DRI की हैदराबाद जोनल यूनिट ने सबसे पहले कुआलालंपुर जाने वाली फ्लाइट में सवार होने वाले एक पुरुष यात्री को रोका। उसके केबिन बैगेज की तलाशी लेने पर 66,600 अमेरिकी डॉलर, 3,773 मलेशियाई रिंगित और 2 सिंगापुर डॉलर बरामद हुए। जब्त विदेशी मुद्रा की कुल कीमत करीब 63.62 लाख रुपये आंकी गई।
अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ने विदेशी मुद्रा को अपने ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच काले प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखा था। तलाशी के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा मिलने के बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। इसी दौरान उसने उसी फ्लाइट से यात्रा कर रही एक महिला के पास भी विदेशी मुद्रा होने की जानकारी दी।
महिला यात्री के पास से मिले 97,600 अमेरिकी डॉलर
पुरुष यात्री से मिली जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने महिला यात्री को भी रोककर उसके सामान की तलाशी ली। उसके केबिन बैगेज से 97,600 अमेरिकी डॉलर बरामद हुए। इनकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 91.94 लाख रुपये बताई गई है। महिला ने भी विदेशी मुद्रा को अपने ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच छिपाकर रखा था।
दोनों यात्रियों से बरामद विदेशी मुद्रा की कुल कीमत लगभग 1.56 करोड़ रुपये है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों यात्री इस रकम को कानूनी तरीके से प्राप्त करने और विदेश ले जाने से संबंधित आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
कस्टम एक्ट के तहत विदेशी मुद्रा जब्त
DRI ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (Customs Act, 1962) के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी विदेशी मुद्रा और उसे छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रॉली बैग जब्त कर लिए। दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, एजेंसी ने अपने आधिकारिक बयान में उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
यह कार्रवाई 22 अक्टूबर को की गई थी, जिसकी जानकारी शनिवार को सामने आई। दोनों यात्री एयरएशिया की फ्लाइट AK-68 से मलेशिया जाने वाले थे। फिलहाल जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि विदेशी मुद्रा कहां से प्राप्त की गई थी और इसे विदेश ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था।
विदेशी मुद्रा के स्रोत का पता लगाने में जुटी एजेंसी
जांच के दौरान विदेशी मुद्रा के स्रोत, उसे हासिल करने के तरीके और विदेश ले जाने की मंशा से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों की जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
गौरतलब है कि DRI देश में तस्करी और अवैध व्यापार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई करती है। इससे पहले एजेंसी ने मुंबई में सोने की तस्करी से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10.48 करोड़ रुपये मूल्य की बहुमूल्य धातु, नकदी और अन्य कीमती सामान जब्त किया था। हैदराबाद एयरपोर्ट पर हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।