आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग पेशे को लेकर नई बहस छिड़ गई है। Anthropic के सीईओ डारियो अमोडेई ने चेतावनी दी है कि आने वाले 12 महीनों में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का मौजूदा स्वरूप लगभग अप्रासंगिक हो सकता है। उनका मानना है कि कोडिंग जैसे मुख्य कार्य अब तेजी से AI सिस्टम द्वारा किए जा रहे हैं।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी बड़ी टेक कंपनियां पहले से ही AI की मदद से कोड जनरेट कर रही हैं। अमोडेई ने यह बात वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में कही, जहां उन्होंने बताया कि AI अब केवल सहायक नहीं, बल्कि काम करने वाला मुख्य टूल बनता जा रहा है।
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भी इस चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब यह बात ऐसे व्यक्ति द्वारा कही जा रही है जो दुनिया के सबसे उन्नत AI कोडिंग टूल बना रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अमोडेई के अनुसार, उनकी कंपनी में कई इंजीनियर अब खुद कोड नहीं लिखते, बल्कि AI द्वारा बनाए गए कोड की समीक्षा और सुधार करते हैं। यह बदलाव केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य उद्योगों में भी नौकरियों की संरचना बदल सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि स्किल्स में बदलाव की जरूरत होगी। भविष्य में इंजीनियरों को AI के साथ काम करने और उसे नियंत्रित करने की भूमिका निभानी होगी।