विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले दिन बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला, और इसी बीच भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम विराट कोहली और रोहित शर्मा ने बुधवार को देश की प्रमुख घरेलू लिस्ट-ए टूर्नामेंट में जोरदार वापसी कर सुर्खियां बटोरीं। अपने-अपने ग्रुप स्टेज मुकाबलों में उतरते हुए दोनों दिग्गजों ने यह साफ कर दिया कि वे अब भी वनडे क्रिकेट में पूरी तरह प्रासंगिक हैं। जहां रोहित शर्मा ने तूफानी 155 रन ठोके, वहीं विराट कोहली ने दमदार शतक लगाकर चयनकर्ताओं और बीसीसीआई को अपनी क्लास का फिर से एहसास कराया।
बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट में अनिवार्य भागीदारी के निर्देश के बाद विराट और रोहित की विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी को खास माना जा रहा है। यह सिर्फ नियमों के पालन तक सीमित नहीं थी, बल्कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उनकी गंभीर मंशा और फिटनेस बनाए रखने की इच्छा का भी संकेत थी। खासकर तब, जब दोनों सीनियर खिलाड़ी अब सिर्फ 50 ओवर के प्रारूप में ही सक्रिय हैं।
रोहित शर्मा ने 2018 के बाद पहली बार घरेलू लिस्ट-ए मैच खेलते हुए जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में दर्शकों से भरे स्टेडियम को रोमांचित कर दिया। मुंबई की ओर से खेलते हुए उन्होंने सिक्किम के खिलाफ 237 रनों के लक्ष्य का पीछा लगभग अकेले दम पर किया। रोहित ने मात्र 94 गेंदों पर नाबाद 155 रन बनाए और मुंबई को 19.3 ओवर शेष रहते आठ विकेट से शानदार जीत दिलाई।
यह रोहित शर्मा का 37वां लिस्ट-ए शतक था, जिसे उन्होंने केवल 62 गेंदों में पूरा किया जो उनके करियर का सबसे तेज शतक है। हालांकि विपक्षी गेंदबाजी ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थी, लेकिन रोहित की पारी में आक्रामकता और स्पष्ट इरादे झलकते रहे। खास बात यह रही कि यह उनका मुंबई के लिए पहला लिस्ट-ए शतक था, जो उन्होंने डेब्यू सीजन 2008 के बाद लगाया। 38 वर्षीय रोहित ने इस शतक को बड़े स्कोर में तब्दील करते हुए छह साल बाद लिस्ट-ए में 150 से ज्यादा रन बनाए, इससे पहले उन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 159 रन बनाए थे।
दूसरी ओर, विराट कोहली आंध्र प्रदेश के खिलाफ दिल्ली की ओर से एक्शन में नजर आए। यह मुकाबला बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मैदान पर खेला गया। पहले यह मैच अलूर में होना था, फिर एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया, लेकिन अंततः इसे बंद दरवाजों के पीछे CoE ग्राउंड पर कराया गया। जयपुर में रोहित के मुकाबले जहां दर्शकों की भारी भीड़ थी, वहीं कोहली का शतक बिना दर्शकों के सामने आया।
2010 के बाद पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे विराट कोहली ने 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 84 गेंदों में शतक पूरा किया। यह उनके लिस्ट-ए करियर का 58वां शतक था और पिछले चार पारियों में इस प्रारूप का तीसरा शतक, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज भी शामिल है।
कोहली ने इस दौरान दो शतकीय साझेदारियां कीं ओपनर प्रियांश आर्य के साथ 113 रन और तीसरे विकेट के लिए नितीश राणा के साथ नाबाद 140 रनों की अहम साझेदारी। उनकी पारी में 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे।
इस शतकीय पारी के दौरान विराट कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह पुरुष लिस्ट-ए क्रिकेट में 16,000 रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। कोहली ने यह मुकाम अपनी 330वीं पारी में हासिल किया, जो सचिन तेंदुलकर से 61 पारियां कम है।
कोहली 131 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद दिल्ली की पारी कुछ देर के लिए डगमगा गई और टीम ने 18 गेंदों में 18 रन पर चार विकेट गंवा दिए। हालांकि कोहली द्वारा रखी गई मजबूत नींव के चलते दिल्ली ने लक्ष्य को पार कर लिया और 13.2 ओवर शेष रहते दो विकेट से मुकाबला जीत लिया।
विजय हजारे ट्रॉफी के इस शुरुआती दौर में विराट और रोहित की पारियों ने यह साफ कर दिया कि उम्र और सीमित अंतरराष्ट्रीय व्यस्तता के बावजूद, दोनों दिग्गज अभी भी बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।