नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के बल्लेबाज रोस्टन चेज और युवा स्टार आमिर जंगू ने टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था। श्रीलंका के खिलाफ एंटीगुआ में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 401 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी कर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 626 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली।
वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने महज 168 रन के स्कोर पर अपने छह विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि श्रीलंकाई गेंदबाज मैच पर पूरी तरह हावी हो जाएंगे। लेकिन इसके बाद चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे आमिर जंगू और सातवें नंबर पर उतरे रोस्टन चेज ने मोर्चा संभाला। दोनों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण पेश करते हुए श्रीलंका के गेंदबाजों को पूरे दिन मैदान पर संघर्ष करने के लिए मजबूर कर दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 401 रनों की साझेदारी की, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे या उससे निचले क्रम के बल्लेबाजों द्वारा की गई पहली 400 से अधिक रनों की साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो के नाम था, जिन्होंने 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 399 रन जोड़े थे। अब चेज और जंगू ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है।
इस ऐतिहासिक साझेदारी में सबसे बड़ी भूमिका 28 वर्षीय आमिर जंगू ने निभाई। उन्होंने अपने टेस्ट करियर के केवल दूसरे ही मैच में शानदार दोहरा शतक जड़ दिया। जंगू ने 373 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने पूरे संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए बड़ी पारी खेलने की अपनी क्षमता का शानदार परिचय दिया।
चेज और जंगू की इस साझेदारी ने न केवल वेस्टइंडीज को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला, बल्कि टीम को मजबूत स्कोर तक भी पहुंचाया। एक समय संकट में दिख रही टीम ने 626 रन का विशाल स्कोर बनाकर श्रीलंका पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने लंबी साझेदारी के दौरान शानदार धैर्य, तकनीक और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
आमिर जंगू की यह पारी खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही विश्व रिकॉर्ड बना दिया। वहीं रोस्टन चेज ने एक बार फिर साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह साझेदारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। जिस तरह से दोनों खिलाड़ियों ने दबाव में बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड बनाया, उसने वेस्टइंडीज क्रिकेट के सुनहरे भविष्य की झलक भी दिखा दी। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हैं कि क्या वेस्टइंडीज इस ऐतिहासिक बल्लेबाजी प्रदर्शन को जीत में बदलने में सफल रहता है।