डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को दो हफ्तों के लिए थामने का बड़ा फैसला लिया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह अगले चौदह दिनों तक ईरान पर किसी भी तरह की बमबारी या हमला नहीं करेंगे. इस शांति के साथ ही ट्रंप ने ईरान के लिए एक नया पैगाम भी भेजा है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अब होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के आने-जाने के काम में ईरान की पूरी मदद करेगा.
इस युद्ध की वजह से इस इलाके में जहाजों का चलना-फिरना बंद हो गया था, जिससे व्यापार को बहुत नुकसान पहुंचा था. ट्रंप ने एक और बड़ी बात कही है कि अब ईरान युद्ध में टूटे हुए अपने पुलों, सड़कों और इमारतों को फिर से बनाना शुरू कर सकता है. पिछले कुछ दिनों में हुई बमबारी से तेहरान और कौम जैसे बड़े शहरों में काफी तबाही मची थी और कई अस्पताल और स्कूल भी खंडहर बन गए थे. अब इस ऐलान के बाद ईरान के लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
उधर ईरान भी इस मौके का फायदा उठाकर अपने देश के हालात सुधारना चाहता है. उसने अपनी शर्तों में साफ कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के टैंकरों और जहाजों से टैक्स वसूलेगा. ईरान का मानना है कि इस पैसे से वह अपने देश में फिर से स्कूल और कॉलेज खड़ा कर पाएगा.
इससे पहले ईरान ने नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका और इजरायल से हर्जाने की मांग की थी. ईरान ने शांति के लिए ट्रंप को दस बड़ी शर्तों की एक लिस्ट भेजी है. इसमें ईरान ने कहा है कि उस पर लगे पुराने सभी प्रतिबंध हटा दिए जाएं और अमेरिकी सेना को इस पूरे इलाके से वापस बुलाया जाए. इसके साथ ही ईरान चाहता है कि दुनिया उसके यूरेनियम प्रोग्राम को भी अपनी मंजूरी दे दे.
ट्रंप को लगता है कि ईरान की ये शर्तें आगे की बातचीत के लिए एक अच्छी शुरुआत हो सकती हैं. उन्होंने यह भी माना कि पुराने ज्यादातर विवादों पर दोनों देशों के बीच काफी हद तक बात बन गई है. यह पूरा समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सेना के बड़े अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद मुमकिन हो पाया है.
अब खबर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बड़े नेता पाकिस्तान में बैठकर आगे का रास्ता तय करेंगे. फिलहाल ईरान भी होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए तैयार हो गया है. पूरी दुनिया अब सांस रोककर देख रही है कि ये दो हफ्ते शांति से गुजरते हैं या नहीं. अगर सब ठीक रहा तो शायद आने वाले समय में जंग पूरी तरह खत्म हो जाए.