विन न्यूज़ नेटवर्क। अमेरिका में ईरान युद्ध से जुड़ी संवेदनशील सैन्य जानकारी के लीक होने के मामले ने ट्रंप प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ज्वाइंट स्टाफ से जुड़े करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आखिर मीडिया तक कैसे पहुंची।
करीब 50 अधिकारियों से हुई पूछताछ
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दायरे में ज्वाइंट स्टाफ से जुड़े सैन्य अधिकारियों के अलावा कुछ नागरिक कर्मचारी भी शामिल हैं। इन लोगों से पिछले महीने पूछताछ की गई थी। जांचकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या इनमें से किसी व्यक्ति ने अमेरिकी हथियारों के स्टॉक, उनकी उपलब्धता या सैन्य अभियान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी पत्रकार या मीडिया संस्थान के साथ साझा की थी।
मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि युद्ध के दौरान सैन्य संसाधनों की वास्तविक स्थिति से जुड़ी जानकारी रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होती है।
क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट?
पॉलीग्राफ टेस्ट को आम तौर पर ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ यानी झूठ पकड़ने वाली जांच कहा जाता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति से कई सवाल पूछे जाते हैं और उसके जवाबों के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड किया जाता है।
इस दौरान सांस लेने की गति, दिल की धड़कन और अन्य शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है। हालांकि, पॉलीग्राफ को झूठ पकड़ने का पूरी तरह अचूक तरीका नहीं माना जाता। तनाव, डर या घबराहट के कारण भी शरीर में ऐसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। इसलिए जांच में इसे आमतौर पर अन्य सबूतों के साथ एक प्रक्रिया के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
हथियारों के घटते भंडार की जानकारी बनी अहम कड़ी
पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अमेरिकी हथियारों के भंडार से जुड़ी जानकारी को माना जा रहा है। रिपोर्टों में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान कुछ महत्वपूर्ण अमेरिकी हथियारों की उपलब्धता और संभावित कमी से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
किसी युद्ध के दौरान हथियारों, मिसाइलों और अन्य सैन्य संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक होना किसी भी देश के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय हो सकता है। ऐसी जानकारी से विरोधी देश को सैन्य क्षमता और रणनीतिक तैयारियों का अंदाजा लगने की आशंका रहती है।
पेंटागन ने जांच पर क्या कहा?
मामले को लेकर पेंटागन ने जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने आंतरिक कर्मचारियों या जांच से जुड़े विशेष मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी के लीक होने के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसी घटनाओं की जांच की जाती है।
अब किस सवाल का जवाब तलाश रही है जांच?
फिलहाल जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों के भंडार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया तक आखिर किस रास्ते से पहुंची। करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह देखना अहम होगा।
अगर जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो यह मामला अमेरिकी रक्षा व्यवस्था और गोपनीय सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर सकता है।